CG NEWS , जगदलपुर — पुलिस ने बड़ा झटका दिया है। ओडिशा के चित्रकोंडा के जंगलों में छापेमारी कर 800 लीटर हशीश ऑयल जब्त किया गया है। पुलिस का दावा है कि इसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपये हो सकती है। मलकानगिरी के चित्रकोंडा के घने जंगलों में पुलिस ने ‘चलती-फिरती ड्रग फैक्ट्री’ का पर्दाफाश किया है. कोरापुट रेंज के डीआईजी डॉ. केवी सिंह के नेतृत्व में हुई इस सर्जिकल कार्रवाई में 800 लीटर हशीश ऑयल जब्त किया गया है, जिसकी कीमत करीब 100 करोड़ रुपए बताई जा रही है।
यह कोई साधारण तस्करी नहीं, बल्कि जंगल के भीतर सेटअप की गई हाईटेक मोबाइल यूनिट थी, जहां गांजे को प्रोसेस कर इंटरनेशनल मार्केट के लिए हशीश ऑयल तैयार किया जा रहा था. मौके से 50 किलो गांजा और ऑयल बनाने के अत्याधुनिक उपकरण भी बरामद हुए हैं, जो इस बात का संकेत हैं कि यह नेटवर्क कितना संगठित और बड़ा है.
जंगल के भीतर चलता था पूरा नेटवर्क
घने जंगल। संकरी पगडंडियां। और उन्हीं के बीच छिपा था एक मोबाइल सेटअप। पुलिस टीम जब अंदर घुसी, तो उन्हें सिर्फ सामान नहीं मिला—एक पूरा ऑपरेशन मिला। अधिकारियों के मुताबिक यह कोई स्थायी लैब नहीं थी। यह “चलती-फिरती फैक्ट्री” थी। लोकेशन बदलती रहती थी। ट्रैक करना मुश्किल। यही इसकी ताकत थी। ऑपरेशन का नेतृत्व कोरापुट रेंज के डीआईजी डॉ. केवी सिंह ने किया। टीम ने इलाके को घेरा, और फिर तेज कार्रवाई। मौके से भारी मात्रा में तैयार ऑयल, प्रोसेसिंग उपकरण और कच्चा माल मिला।
कैसे बनता है हशीश ऑयल?
यह कोई साधारण ड्रग नहीं। गांजा से निकाले गए रेजिन को प्रोसेस कर तैयार किया जाता है। कीमत ज्यादा। मांग भी ज्यादा।
जंगलों में छिपकर उत्पादन
स्थानीय नेटवर्क की मदद
राज्य से बाहर सप्लाई चैन
पुलिस को शक है कि यह नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर काम कर रहा था।
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