नगर निगम की विशेष सभा में भारी हंगामा’ महिला आरक्षण पर पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक
कोरबा, 29 अप्रैल 2026: नगर पालिक निगम कोरबा के सभागार में बुधवार को आयोजित ‘विशेष सामान्य सभा’ राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गई। महिला आरक्षण के संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा के लिए बुलाई गई इस बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर तकरार हुई। बहस इतनी बढ़ गई कि सदन में काफी देर तक शोर-शराबा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
विपक्ष का रुख: ‘संसद से शुरू हो प्रक्रिया’
बैठक की शुरुआत होते ही विपक्षी पार्षदों ने केंद्र और राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। विपक्षी सदस्यों ने पुरजोर तरीके से मांग रखी कि महिला आरक्षण को केवल स्थानीय स्तर तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने कहा कि असली सशक्तिकरण तब होगा जब देश की सभी 543 लोकसभा सीटों पर महिलाओं को पूर्ण आरक्षण दिया जाए। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार केवल चुनावी लाभ के लिए इस मुद्दे को उछाल रही है, जबकि जमीनी हकीकत में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के प्रति गंभीर नहीं है।
सत्ता पक्ष का पलटवार: ‘कांग्रेस नहीं चाहती महिलाओं का विकास’
विपक्ष के हमलों का जवाब देते हुए सत्ता पक्ष के पार्षदों ने कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा। सत्ता पक्ष ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर कांग्रेस का रुख हमेशा से ढुलमुल रहा है।
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मुख्य तर्क: सत्ता पक्ष ने दावा किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल महिला आरक्षण को लागू करने में बाधाएं उत्पन्न कर रहे हैं।
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आरोप: भाजपा पार्षदों ने कहा कि “कांग्रेस कभी नहीं चाहती कि महिलाएं नेतृत्वकारी भूमिका में आएं, इसलिए वे सदन में प्रक्रियात्मक बहाने बनाकर चर्चा से भाग रहे हैं।”
सदन में हंगामेदार स्थिति
सभा के दौरान एक वक्त ऐसा आया जब दोनों पक्षों के पार्षद अपनी सीटों से उठकर वेल तक पहुंच गए। सभापति ने सदस्यों को शांत करने की बार-बार कोशिश की, लेकिन महिला आरक्षण की क्रेडिट लेने और नीयत पर सवाल उठाने को लेकर विवाद थमा नहीं। विपक्षी सदस्यों ने मेज थपथपाकर अपना विरोध जताया, तो वहीं सत्ता पक्ष ने नारेबाजी कर जवाब दिया।















