Big Action By Chhattisgarh Government : भर्ती परीक्षाओं में नकल कराने वालों पर 1 करोड़ जुर्माना, 10 साल की सजा तय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी भर्ती और व्यावसायिक परीक्षाओं की शुचिता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राज्य सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए अब सख्त कानून लागू कर दिया है। ‘छत्तीसगढ़ लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम विधेयक 2026’ को राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद राजपत्र (Gazette) में प्रकाशित कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक करने वालों पर नकेल कसने के लिए नए दंडात्मक प्रावधान प्रभावी हो गए हैं।

नए कानून की मुख्य विशेषताएं

यह कानून उन संगठित गिरोहों, नकल माफियाओं और संस्थानों पर सीधा प्रहार करता है जो परीक्षाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करते हैं। नए नियमों के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:

  • भारी जुर्माना और कठोर सजा: परीक्षाओं में गड़बड़ी, पेपर लीक या अनुचित साधनों के उपयोग में संलिप्त पाए जाने पर 3 से 10 वर्ष तक के कारावास का प्रावधान है। इसके अलावा, संगठित अपराध और संस्थानों की संलिप्तता पाए जाने पर 1 करोड़ रुपये तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।

  • नकल करने वाले अभ्यर्थियों पर कार्रवाई: परीक्षा में नकल करते पकड़े जाने पर अभ्यर्थियों का परिणाम तो रद्द होगा ही, साथ ही उन्हें 1 से 3 वर्षों तक के लिए राज्य की किसी भी भर्ती परीक्षा में शामिल होने से प्रतिबंधित (Blacklist) किया जा सकेगा।

  • सेवा प्रदाता (Service Providers) की जवाबदेही: यदि कोई निजी संस्थान या सेवा प्रदाता परीक्षा आयोजन में गड़बड़ी में शामिल पाया जाता है, तो उस पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है, साथ ही परीक्षा का खर्च भी उन्हीं से वसूला जाएगा और उन्हें आगे परीक्षाओं के संचालन से प्रतिबंधित किया जा सकता है।

  • विभिन्न अपराधों के लिए अलग-अलग दंड: प्रश्न पत्रों का अनाधिकृत खुलासा करने, परीक्षा केंद्रों में अवैध प्रवेश या मूल्यांकन रिकॉर्ड से छेड़छाड़ करने जैसे अपराधों के लिए 1 से 5 वर्ष तक की जेल और 5 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।

छात्रों के भविष्य की सुरक्षा को प्राथमिकता

राज्य सरकार का मानना है कि इस कानून के लागू होने से प्रदेश के लाखों युवाओं का विश्वास भर्ती प्रणालियों पर और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री ने पूर्व में स्पष्ट किया था कि यह कानून पीएससी (CGPSC), व्यापमं (Vyapam), निगम-मंडल सहित सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं पर समान रूप से लागू होगा।

About The Author