CG Ducation Department Extortion : ‘फोनपे’ कांड , 260 स्कूलों से वसूली का सनसनीखेज पर्दाफाश
CG Ducation Department Extortion
260 से अधिक स्कूलों से ‘डिजिटल’ चंदा?
यह मामला कथित तौर पर अवैध वसूली का है, जिसका शिकार 260 से अधिक स्कूल बने हैं। प्राथमिक और माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठकों को निशाना बनाया गया। आरोप है कि परीक्षा परिणाम और फर्द (दस्तावेज) तैयार करने के नाम पर उनसे पैसे ऐंठे गए। वसूली का तरीका इतना शातिर था कि उसने सब कुछ डिजिटल कर दिया। फोनपे के माध्यम से पैसे लिए गए। अब कथित तौर पर इसी फोनपे के भुगतान के स्क्रीनशॉट और कुछ ‘अधिकारी’ के कथित आदेशों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह वायरल हो गए हैं। पूरे जिले में हड़कंप मच गया है, और हर कोई बस एक ही सवाल पूछ रहा है: यह सब कैसे हुआ और कौन है वह ‘असली खिलाड़ी’?
आदेश गायब, वसूली चालू!
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा पेंच यही है। कथित वसूली के लिए जिम्मेदार ‘आदेश’ अचानक से गायब हो गया है। सरकारी महकमे में ऐसी कोई फाइल या आधिकारिक दस्तावेज नहीं मिल रहा है जिसमें ऐसे किसी भुगतान या प्रक्रिया का जिक्र हो। इसका मतलब है कि यह पूरा खेल बिना किसी सरकारी मंजूरी के खेला जा रहा था। यह सब उस समय हुआ जब सरकारी स्तर पर परीक्षा परिणाम की घोषणा और परिणाम पत्रकों के वितरण का काम जोरों पर था।
एक सूत्र के अनुसार, ‘शिक्षक तो डरे हुए थे। हमें लगा कि यह सरकारी आदेश है और पैसा देना ही होगा। हमने अपनी जेब से पैसा दिया क्योंकि हमें परीक्षा परिणाम समय पर देने का दबाव था। अब हमें लगता है कि हम एक बड़े गिरोह के शिकार बने हैं।’
“हमें ब्लैकमेल किया गया। परीक्षा परिणाम और फर्द के नाम पर पैसा लिया गया। फोनपे पर पेमेंट करने को कहा गया, ताकि कोई सबूत न रहे। हमने पैसा दिया क्योंकि हमें लगा कि यह सरकारी आदेश है। अब हमें पता चला है कि यह एक बड़ा फर्जीवाड़ा है।”
— एक प्रधान पाठक (पहचान गुप्त)















