Global Role of Indian Professionals : जयशंकर का ‘ब्रह्मास्त्र’, IIM छात्रों को दिया ईमानदारी का पाठ, कहा- आप बदलेंगे भारत की किस्मत
Global Role of Indian Professionals
- ग्लोबल विजन: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने IIM रायपुर के ग्रेजुएट्स को भारत के ‘निर्णायक मोड़’ का हिस्सा बताया।
- टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग: भारतीय पेशेवरों की वैश्विक मंच पर बढ़ती भूमिका को सफलता का मुख्य आधार बताया।
- बड़ी जिम्मेदारी: नए लीडर्स को न केवल उद्योग, बल्कि दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव को तय करने का टास्क दिया।
Global Role of Indian Professionals , रायपुर — विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शनिवार को रायपुर के अपने पहले आधिकारिक प्रवास के दौरान IIM के दीक्षांत समारोह में शिरकत की। उन्होंने भावी लीडर्स को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि वे केवल एक डिग्री लेकर बाहर नहीं निकल रहे, बल्कि भारत की विकास यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पर कदम रख रहे हैं। जयशंकर ने जोर देकर कहा कि आज का भारत तकनीकी क्षमता और वैश्विक जुड़ाव के उस चौराहे पर है, जहां से पीछे मुड़कर देखने की गुंजाइश नहीं है।
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मैदान तैयार है: भारतीय पेशेवरों का ‘ग्लोबल’ दबदबा
विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय टैलेंट की ‘पिच’ को पूरी दुनिया में फैला हुआ बताया। उन्होंने कुछ मुख्य क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया:
- डिजिटल इनोवेशन: भारत अब केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि दुनिया के लिए तकनीकी समाधान बनाने वाला देश बन चुका है।
- एंटरप्रेन्योरशिप का पावरप्ले: स्टार्टअप से लेकर बड़ी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स तक, भारतीय दिमाग हर जगह ‘स्कोर’ कर रहा है।
- निर्णायक मोड़: ग्रेजुएट्स को याद दिलाया कि वे उस समय बाजार में उतर रहे हैं जब भारत की जनसांख्यिकीय ऊर्जा (Demographic Power) अपने पीक पर है।
जयशंकर के मुताबिक, अवसर अपने साथ जिम्मेदारी का ‘भारी बैग’ भी लेकर आता है। उन्होंने छात्रों को सचेत किया कि उनके फैसले केवल उनकी कंपनियों के मुनाफे तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे वैश्विक मंच पर भारत की ब्रांड वैल्यू को भी आकार देंगे।
“आप भारत की यात्रा के एक निर्णायक मोड़ पर ग्रेजुएट हो रहे हैं। पेशेवर और भविष्य के लीडर के तौर पर, आप न केवल उद्योगों को आकार देंगे, बल्कि यह भी तय करेंगे कि भारत दुनिया के साथ कैसे जुड़ेगा। जीवन भर सीखते रहें और ईमानदारी से नेतृत्व करें।”
— एस जयशंकर, विदेश मंत्री















