Donald Trump का बड़ा बयान’ ईरान-वेनेजुएला के बाद अब क्यूबा निशाने पर
मियामी : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने एक बार फिर अपने तीखे तेवरों से वैश्विक राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। मियामी के फेना फोरम (Faena Forum) में आयोजित ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव’ समिट में समर्थकों को संबोधित करते हुए ट्रंप ने ईरान और वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य सफलताओं का जिक्र किया और स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि अब अमेरिका का अगला लक्ष्य क्यूबा हो सकता है।
सैन्य शक्ति का प्रदर्शन और क्यूबा को चेतावनी
अपने संबोधन के दौरान ट्रंप ने अपनी सरकार द्वारा बनाई गई सैन्य ताकत का बखान किया। उन्होंने कहा:
“मैंने इस महान सेना का निर्माण किया है। मैंने हमेशा कहा था कि हमें इसका उपयोग कभी नहीं करना पड़ेगा, लेकिन कभी-कभी इसे इस्तेमाल करना पड़ता है। वेनेजुएला और ईरान के बाद… अब अगला नंबर क्यूबा का है।”
दिलचस्प बात यह रही कि इस गंभीर चेतावनी के तुरंत बाद ट्रंप ने मजाकिया अंदाज में मीडिया से कहा, “वैसे, आप ऐसा मान लें कि मैंने यह नहीं कहा। कृपया मीडिया इस बयान पर ध्यान न दे।” हालांकि, उनके इस बयान को कूटनीतिक हलकों में क्यूबा पर दबाव बनाने की एक सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान और वेनेजुएला की ‘सफलता’ का हवाला
ट्रंप ने अपने भाषण में हालिया अमेरिकी सैन्य ऑपरेशनों को बड़ी उपलब्धि बताया:
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वेनेजुएला: ट्रंप ने जनवरी 2026 में वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और वहां सत्ता परिवर्तन की दिशा में हुई कार्रवाई को अपनी ‘स्ट्रेंथ’ (शक्ति) का प्रमाण बताया।
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ईरान: उन्होंने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) का जिक्र करते हुए दावा किया कि ईरानी नेतृत्व अब समझौते के लिए “भीख मांग रहा है”।
क्यूबा में गहराता संकट
राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्यूबा पहले से ही भीषण आर्थिक और ऊर्जा संकट से जूझ रहा है।
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ब्लैकेड का असर: अमेरिकी प्रतिबंधों और वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति रुकने के कारण पूरा द्वीप अंधेरे (ब्लैकआउट) में डूबा हुआ है।
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सिस्टम में बदलाव की मांग: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भी हाल ही में जी-7 देशों की बैठक में कहा था कि क्यूबा की अर्थव्यवस्था तब तक नहीं सुधर सकती जब तक वहां की शासन व्यवस्था में बदलाव नहीं आता।















