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National Human Rights Commission का सख्त एक्शन’ छत्तीसगढ़ जेलों में 285 मौतों और महासमुंद रोपवे हादसे पर सरकार को नोटिस

रायपुर/नई दिल्ली: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने छत्तीसगढ़ में मानवाधिकारों से जुड़े दो अलग-अलग संवेदनशील मामलों में कड़ा संज्ञान लिया है। आयोग ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में पिछले चार वर्षों में हुई 285 कैदियों की मौत और हाल ही में महासमुंद जिले के खल्लारी माता मंदिर में हुए रोपवे हादसे पर छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया है। आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव और जेल महानिदेशक से इन मामलों में दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

मामला 1: जेलों में कैदियों की मौत और बदहाली

NHRC ने एक मीडिया रिपोर्ट के आधार पर स्वतः संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया था कि छत्तीसगढ़ की जेलों में कैदियों की मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।

  • चौंकाने वाले आंकड़े: रिपोर्ट के अनुसार, 2022 में सर्वाधिक 90 मौतें हुईं, जबकि 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच 66 कैदियों की जान गई।

  • आयोग की चिंता: आयोग ने जेलों में ओवरक्राउडिंग (क्षमता से अधिक कैदी), डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों के रिक्त पदों पर चिंता व्यक्त की है।

  • जवाब तलब: सरकार से पूछा गया है कि संक्रमण फैलने और मानसिक तनाव को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

मामला 2: खल्लारी माता मंदिर रोपवे दुर्घटना

महासमुंद जिले में 22 मार्च 2026 को हुए दर्दनाक रोपवे हादसे पर भी आयोग ने सरकार को घेरा है।

  • हादसे का विवरण: खल्लारी माता मंदिर से लौटते समय रोपवे का केबल टूटने से ट्रॉली नीचे गिर गई थी, जिसमें रायपुर की एक महिला की मौत हो गई और 16 श्रद्धालु घायल हुए थे।

  • मुआवजे पर सवाल: आयोग ने मुख्य सचिव और महासमुंद एसपी से पूछा है कि पीड़ितों के स्वास्थ्य की वर्तमान स्थिति क्या है और मृतक के परिजनों एवं घायलों को अब तक कितना मुआवजा दिया गया है।

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