CG News : पूर्व सरपंच के घर मिला अवैध सागौन का जखीरा, वन विभाग ने जब्त की लाखों की लकड़ी
CG News : तखतपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में अवैध इमारती लकड़ी के कारोबार के खिलाफ वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। तखतपुर क्षेत्र के ग्राम बांधा में पूर्व सरपंच खम्मन सोनवानी के निवास पर छापेमारी की गई। इस दौरान उनके बेटे राजेश सोनवानी के कब्जे से सागौन की लकड़ी के 31 नग चिरान और सिलपट बरामद किए गए हैं। जब्त लकड़ी की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। मामले में वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पूर्व सरपंच के घर पहुंची संयुक्त टीम
जानकारी के अनुसार, ग्राम बांधा में अवैध इमारती लकड़ी के कारोबार पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम को संबंधित परिसर में सागौन की लकड़ी रखे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद अधिकारियों ने पूर्व सरपंच खम्मन सोनवानी के निवास पर छापेमारी की।
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कार्रवाई के दौरान परिसर की जांच की गई, जिसमें सागौन की लकड़ी के कई टुकड़े बरामद हुए। वन विभाग की टीम ने लकड़ी को अपने कब्जे में लेकर जब्ती की प्रक्रिया पूरी की।
31 नग सागौन चिरान और सिलपट बरामद
छापेमारी के दौरान राजेश सोनवानी के कब्जे से सागौन की लकड़ी के कुल 31 नग चिरान और सिलपट बरामद किए गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, जब्त लकड़ी की बाजार कीमत लाखों रुपये में आंकी जा रही है।
सागौन को इमारती लकड़ी की महत्वपूर्ण श्रेणी में रखा जाता है। इसकी मांग फर्नीचर, दरवाजे और अन्य निर्माण कार्यों में रहती है। इसी वजह से सागौन की अवैध कटाई, परिवहन और भंडारण को रोकने के लिए वन विभाग समय-समय पर कार्रवाई करता है।
हालांकि, बरामद लकड़ी की सटीक कीमत, उसके स्रोत और उसे रखने से संबंधित दस्तावेजों की स्थिति के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
वन अधिनियम के तहत दर्ज किया गया मामला
वन विभाग ने बरामद लकड़ी को जब्त कर मामले में वन अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया है। अब संबंधित अधिकारियों द्वारा लकड़ी के स्रोत, भंडारण की वैधता और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
जांच के दौरान यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि लकड़ी वैध रूप से खरीदी गई थी या उसके भंडारण के लिए आवश्यक अनुमति और दस्तावेज उपलब्ध थे। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।










