Major Action In Opium Scandal : कृषि विस्तार अधिकारी सस्पेंड, पटवारी और सर्वेयर को नोटिस

दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समोदा गांव में भाजपा नेता के खेत में पकड़ी गई अवैध अफीम की खेती के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मामले में गंभीर लापरवाही बरतने और निरीक्षण में कोताही के चलते कलेक्टर अभिजीत सिंह ने ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एकता साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

निरीक्षण न करने का दिया अजीब तर्क

निलंबन से पहले जारी किए गए कारण बताओ नोटिस के जवाब में एकता साहू ने जो दलील दी, उसने विभाग को चौंका दिया। उन्होंने अपने जवाब में कहा कि खेत के चारों ओर बिजली की फेंसिंग (Electric Fencing) और आवारा जानवरों के डर की वजह से वह खेत के भीतर जाकर निरीक्षण नहीं कर सकीं। हालांकि, प्रशासन ने इस तर्क को गैर-जिम्मेदाराना मानते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया।

फर्जी फोटो के जरिए सिस्टम को गुमराह करने का आरोप

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिस खेत में अफीम लहलहा रही थी, उसे सरकारी रिकॉर्ड और डिजिटल सर्वे में मक्का और धान की फसल के रूप में दिखाया गया था। आरोप है कि सर्वे टीम ने अफीम की खेती को छिपाने के लिए दूसरे किसान के खेत की फोटो अपलोड कर दी थी।

  • ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी: एकता साहू (निलंबित)

  • पटवारी: अनिता साहू (कारण बताओ नोटिस जारी)

  • फसल सर्वेयर: शशिकांत साहू (कारण बताओ नोटिस जारी)

करोड़ों की अफीम और भाजपा नेता की गिरफ्तारी

बता दें कि बीते शनिवार को पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने समोदा गांव में दबिश दी थी। यहाँ भाजपा किसान मोर्चा के नेता विनायक ताम्रकार के फॉर्महाउस पर करीब 5.62 एकड़ में अफीम की अवैध खेती पाई गई थी। जब्त अफीम की कीमत लगभग 8 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में पुलिस ने विनायक ताम्रकार सहित अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है और भाजपा ने भी नेता को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सख्ती

प्रदेश में अफीम की खेती के मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी कलेक्टरों को 15 दिनों के भीतर अपने-अपने जिलों की रिपोर्ट सौंपने को कहा है, ताकि प्रदेश में कहीं भी इस तरह का अवैध कारोबार न पनप सके।

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