कोरबा जिले की महिला पत्रकारों ने बस्तर की यात्रा करने के बाद आज कोरबा कोहड़िया निवास कार्यालय में स्नेहिल भेंट की
नक्सल मुक्त होने के बाद अब बस्तर जिस तरह विकास के नए आयाम लिख रहा है, आज नक्सली मुख्य धारा से जुड़कर विष्णुदेव सरकार की पुनर्वास नीति के माध्यम से रोजगार और स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
महिला पत्रकार श्रीमती बीता चक्रवर्ती ज़ी,श्रीमती रेनू जायसवाल ज़ी,मुस्कान भंडारी ज़ी, प्रतिमा सरकार ज़ी,आशा ठाकुर ज़ी, रजनी चौहान ज़ी ने अपने यात्रा वृतांत में इस ऐतिहासिक बदलाव के अनुभव साझा करते हुए बताया कि बस्तर अब भय से नहीं, बल्कि विकास और विश्वास की नई पहचान बन चुका है















