Chhattisgarh Naxal operation : नक्सलियों पर लगातार दबाव, बॉर्डर एरिया में सुरक्षाबलों की बड़ी उपलब्धि
Chhattisgarh Naxal operation
नदी किनारे से ट्रैक्टर और मिलिंग मशीन बरामद
सीआरपीएफ (CRPF) की 228वीं बटालियन के जवान जब सीमावर्ती इलाकों में गश्त कर रहे थे, तभी उन्हें संदिग्ध हलचल और डंप की सूचना मिली। तालपेरू नदी के किनारे चलाए गए इस सर्च ऑपरेशन में जवानों को नक्सलियों द्वारा छिपाया गया एक ट्रैक्टर, राइस हलर मिल (चावल कूटने की मशीन) और एक वाटर पंप मिला है। माना जा रहा है कि नक्सली इन मशीनों का उपयोग अपने बेस कैंपों में रसद तैयार करने के लिए कर रहे थे। बरामद विस्फोटक सामग्री को बम डिस्पोजल स्क्वाड (BDS) ने मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया है।
सुरक्षा बलों का आधिकारिक बयान
“सुरक्षा बलों की सतर्कता से एक बड़ा खतरा टल गया है। एंटी-हैंडलिंग आईईडी को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि इसे हिलाते या उठाने की कोशिश करते ही ब्लास्ट हो जाए। हमारे जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए इसे डिटेक्ट किया और मौके पर ही नष्ट कर दिया।”
— जनसंपर्क अधिकारी, बस्तर फाइटर्स/स्थानीय पुलिस यूनिट
इलाके में सर्च ऑपरेशन तेज, नागरिकों के लिए अलर्ट
इस बरामदगी के बाद सुकमा-बीजापुर बॉर्डर से सटे संवेदनशील इलाकों में सर्चिंग तेज कर दी गई है। सुरक्षा बलों ने अंदरूनी गांवों के रास्तों पर गश्त बढ़ा दी है। स्थानीय ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे जंगल के रास्तों पर किसी भी संदिग्ध वस्तु या तार को न छुएं और तत्काल पुलिस को सूचित करें। फिलहाल तालपेरू नदी के आसपास के इलाकों में फोर्स की मौजूदगी बनी हुई है ताकि नक्सलियों की किसी भी संभावित सप्लाई लाइन को काटा जा सके।









