JNU : JNU में ‘चेतावनी रैली’ के बाद तनाव, जातिसूचक नारों पर प्रशासन सख्त, FIR की तैयारी

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निलंबन और UGC नियमों पर आर-पार की जंग

यह प्रदर्शन मुख्य रूप से जेएनयू प्रशासन द्वारा छात्र संघ के चार मुख्य पदाधिकारियों (अध्यक्ष अदिति मिश्रा, उपाध्यक्ष गोपीका बाबू, सचिव सुनील यादव और संयुक्त सचिव दानिश अली) को निलंबित किए जाने के खिलाफ था। प्रशासन ने उन पर लाइब्रेरी में तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। इसके अलावा, छात्र UGC (University Grants Commission) के नए नियमों का भी विरोध कर रहे हैं। रैली साबरमती ढाबा से शुरू होकर पूरे कैंपस में घूमी, जिसमें 10 साल बाद पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार भी छात्रों का समर्थन करने पहुंचे।

“ये नारे किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि एक विचारधारा के खिलाफ हैं। प्रशासन हमें डराने के लिए निलंबन का सहारा ले रहा है, लेकिन छात्र अपनी आवाज उठाना बंद नहीं करेंगे।

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