PWD Corruption Raipur : रायपुर में सियासी भूचाल ननकी राम कंवर की चिट्ठी से PWD भ्रष्टाचार उजागर
PWD Corruption Raipur
क्या लिखा है चिट्ठी में
पत्र में ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया कि भतपहरी ने विभिन्न पदों पर रहते हुए चहेते ठेकेदारों को नियमविरुद्ध लाभ दिया और विभागीय धन का दुरुपयोग किया। उन्होंने बताया कि 2011 और 2015 में भतपहरी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत रायपुर में शिकायतें दर्ज हैं, लेकिन राजनीतिक प्रभाव के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पत्र में यह भी कहा गया कि 1992 में सहायक यंत्री के रूप में आरंभ हुई भतपहरी की सेवा में कई मामले विभागीय नियमों के विपरीत आगे बढ़े। उदाहरण के तौर पर राजनांदगांव संभाग में 51 किमी मार्ग निर्माण में अधिक भुगतान और दस्तावेज़ों की गुमशुदगी जैसे अनियमितताएं सामने आईं।
सरकार से क्या मांगा गया
ननकी राम कंवर ने पत्र में मुख्य सचिव से आग्रह किया है कि भतपहरी को उनके पद से हटाया जाए। साथ ही, उनके खिलाफ लंबित मामलों की पूरी सीबीआई जांच कराई जाए और लोक निर्माण विभाग को हुए नुकसान की वसूली सुनिश्चित की जाए।
सियासी प्रतिक्रिया
यह पत्र सार्वजनिक होते ही राजनैतिक चर्चा तेज हो गई है। कई वरिष्ठ नेताओं और विभागों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतने गंभीर आरोपों पर जल्द से जल्द जांच शुरू की जाएगी। प्रशासन की ओर से अभी तक आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस मामले को लेकर PWD और भ्रष्टाचार पर बढ़ रही प्रेसिंग खबरों की पृष्ठभूमि में एसीबी और एंटीकरप्शन ब्यूरो की हाल की कार्रवाइयां भी ध्यान में आ रही हैं, जहां विभाग के अन्य अभियंताओं के खिलाफ अलग-अलग भ्रष्टाचार मामले सामने आए हैं।
क्या होगा अगला कदम
राज्य स्तर पर सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है। अब यह देखना बाकी है कि क्या सरकार या प्रशासन भतपहरी के खिलाफ जांच एजेंसी को आदेश देगा। PWD में भ्रष्टाचार के मामलों पर पिछले वर्ष से कई केस सामने आए हैं, जिससे विभागीय पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।









