कोरबा में शराब दुकान बनी सिरदर्द, महिलाओं-व्यापारियों में बढ़ी असुरक्षा; हटाने की मांग पर प्रशासन मौन

कोरबा। कोरबा पुराने शहर के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मुख्य मार्ग पर, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स गीतांजलि भवन के सामने खुली शराब दुकान अब आमजन के लिए बड़ी मुसीबत बनती जा रही है। दुकान खुलने के बाद से क्षेत्र में रहने वाले लोग, खासकर महिलाएं, बच्चे और व्यापारी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार शराब दुकान हटाने की मांग मार्च माह से लगातार की जा रही है। इस संबंध में आबकारी मंत्री एवं विधायक लखन लाल देवांगन, महापौर, कलेक्टर सहित संबंधित अधिकारियों को आवेदन भी दिए गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की इस उदासीनता का खामियाजा अमन-पसंद नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।

सड़क पर हंगामा, महिलाओं पर छींटाकशी

शराब दुकान के आसपास रोजाना शराबियों द्वारा गाली-गलौज, मारपीट और हंगामा आम बात हो गई है। महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां और छींटाकशी से लोगों को शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है। क्षेत्र में पुलिस गश्त की कमी के चलते शांति व्यवस्था पर लगातार खतरा बना हुआ है।

व्यापारियों और कामकाजी महिलाओं में नाराजगी

इस इलाके का व्यापारी वर्ग बेहद परेशान है। वहीं, दुकानों और दफ्तरों में काम करने आने वाली युवतियों और महिलाओं को भारी असहजता का सामना करना पड़ रहा है। लोगों की मांग है कि इस शराब दुकान को शहर से बाहर किसी आउटर एरिया में स्थानांतरित किया जाए, जिससे राजस्व भी मिलता रहे और शहर का माहौल भी सुरक्षित बना रहे।

शराबियों की हुज्जतबाजी, गलियां बनीं मदिरालय

स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई शराबी शराब खरीदने के बाद गौरीशंकर मंदिर के पीछे और मधु स्वीट्स की गली में ही पीना शुरू कर देते हैं। ये गलियां मदिरालय और मूत्रालय में तब्दील हो चुकी हैं। मना करने पर शराबी गाली-गलौज और हुज्जतबाजी करने लगते हैं। हर छोटी-बड़ी बात पर पुलिस को बुलाना या थाने जाना लोगों के लिए व्यावहारिक नहीं रह गया है।

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