न्यायालय में गवाही के दौरान गवाह को आया पैनिक अटैक, न्यायाधीश की मानवीय संवेदना सराहनीय

कोरबा। आज 07/01/2026दोपहर लगभग एक बजे न्यायिक दण्डाधिकारी कुमारी कुमुदिनी गर्ग के न्यायालय में चल रहे एक प्रकरण की गवाही के दौरान उस समय अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब गवाही दे रहा एक साक्षी अचानक असहज हो गया।
प्रकरण में परिवादी की ओर से अधिवक्ता निखिल शर्मा द्वारा पैरवी की जा रही थी। गवाही के पश्चात अधिवक्ता अनिल देवांगन द्वारा साक्षी का प्रतिपरीक्षण किया जा रहा था। इसी दौरान साक्षी की स्थिति को भांपते हुए न्यायाधीश कुमारी कुमुदिनी गर्ग ने उससे उसकी तबीयत के बारे में पूछा। साक्षी कुछ बोल पाता, उससे पहले ही उसकी तबीयत और बिगड़ने लगी।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने तत्काल अधीनस्थ कर्मचारियों को साक्षी को कुर्सी पर बैठाने एवं तुरंत चिकित्सक को बुलाने के निर्देश दिए। कुछ ही समय में डॉक्टर न्यायालय पहुंचे और परीक्षण के उपरांत साक्षी को पैनिक अटैक आने की पुष्टि की।
चिकित्सकीय सलाह के बाद न्यायालय द्वारा साक्ष्य की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। डॉक्टरों ने बताया कि साक्षी की स्थिति सामान्य है और उसे किसी प्रकार का स्थायी खतरा नहीं है।
उक्त दौरान न्यायालय में अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह; अधिवक्ता ओपी बागे; अधिवक्ता अन्जु मिस्त्री सहित अन्य अधिवक्तागण उपस्थित थे। न्यायाधीश कुमारी कुमुदिनी गर्ग द्वारा दिखाई गई तत्परता एवं मानवीय संवेदना की न्यायालय परिसर में सराहना की गई।

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