धीरेंद्र शास्त्री बोले—हिंदू एकता और भक्ति-राष्ट्रवाद अंधविश्वास नहीं

रायपुर: कथावाचक धीरेंद्र शास्त्री ने भक्ति, राष्ट्रवाद और हिंदू एकता को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को जोड़ना और भक्ति-राष्ट्रवाद किसी भी तरह का अंधविश्वास नहीं है। धीरेंद्र शास्त्री ने तीखे शब्दों में कहा कि जिन्हें यह अंधविश्वास लगता है, वे देश छोड़ सकते हैं।

धीरेंद्र शास्त्री का यह बयान उस सियासी बहस के बाद सामने आया है, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन पर तंज कसते हुए कहा था कि वे टोटके और अंधविश्वास की बातें करते हैं। इसी बयान का जवाब देते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी विचारधारा का बचाव किया।

उन्होंने कहा कि भक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा है और इसे अंधविश्वास कहना गलत है। उनके मुताबिक, हिंदू समाज को एकजुट करना उनका उद्देश्य है और वे इसी दिशा में काम करते रहेंगे।

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