खेल, संस्कार और संघर्ष की त्रिवेणी बना, डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, खरमोरा का दो दिवसीय वार्षिक खेल महोत्सव
डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, खरमोरा कोरबा के प्रांगण में दिनांक 19 दिसंबर 2025 से 20 दिसंबर 2025 तक आयोजित वार्षिक खेल महोत्सव 2025–26 केवल एक खेल आयोजन न होकर अनुशासन, समर्पण, टीम भावना एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। दो दिनों तक विद्यालय परिसर खेल भावना, उल्लास, ऊर्जा और आत्मविश्वास से सराबोर रहा, जहाँ नन्हे एलकेजी के बच्चों से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से सभी का मन मोह लिया।

खेल महोत्सव का शुभारंभ अत्यंत गरिमामय वातावरण में मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं ओलंपिक मशाल प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मशाल प्रज्ज्वलन के पश्चात विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत ओलंपिक मशाल रिले ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। यह दृश्य अत्यंत प्रेरणादायी था, जो खेलों के प्रति छात्रों की निष्ठा, अनुशासन और एकता को दर्शा रहा था।

प्रथम दिवस : खेलों से सजी एक यादगार शुरुआत प्रथम दिवस, दिनांक 19 दिसंबर 2025 को खेल महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में श्री प्रताप सिंह कंवर (पार्षद, खरमोरा, कोरबा) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री मंजू तिवारी (नोडल ऑफिसर, डीएवी खरमोरा एवं प्राचार्य, सेजेस कोरबा) की गरिमामयी उपस्थिति रही। विद्यालय के प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी एवं समस्त शिक्षकगणों ने अतिथियों का पारंपरिक रीति से तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
ओलंपिक मशाल प्रज्ज्वलन के पश्चात विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का विधिवत शुभारंभ हुआ। खेलों को आयु एवं कक्षा के अनुसार चार वर्गों— एलकेजी से कक्षा 2, कक्षा 3 से 5, कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 से 12— में विभाजित किया गया। इन वर्गों में अनेक एथलेटिक्स प्रतियोगिताएँ एवं सामूहिक खेल आयोजित किए गए, जिनमें विद्यार्थियों ने अनुशासन, उत्साह एवं खेल भावना का अद्भुत प्रदर्शन किया। प्रथम दिवस की सभी प्रतियोगिताओं के परिणाम उसी दिन घोषित किए गए और विजेता विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया, जिससे बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे।
प्रथम दिवस के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि कंवर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि पठन-पाठन के साथ-साथ खेल विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक एवं भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा बौद्धिक विकास करती है, तो खेल जीवन को संतुलन, अनुशासन और आत्मविश्वास प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की मुक्तकंठ से सराहना की, उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी एवं समस्त शिक्षकगणों को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए उनकी टीम भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा की। अंत में अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानपूर्वक विदा किया गया।
द्वितीय दिवस : संघर्ष, सफलता और प्रेरणा का संगम
द्वितीय दिवस, दिनांक 20 दिसंबर 2025 को खेल महोत्सव और भी अधिक उत्साह एवं गरिमा के साथ आगे बढ़ा। इस दिन के मुख्य अतिथि रहे श्री तामेश्वर उपाध्याय, जिला शिक्षा अधिकारी, कोरबा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. श्रीमती राज रेखा शुक्ला मैडम, एआरओ/मैनेजर, ज़ोन-E, डीएवी स्कूल्स, कोरबा जिला उपस्थित रहीं। अतिथियों का स्वागत तिलक एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर किया गया।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री तामेश्वर उपाध्याय ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि संघर्ष ही सफलता का मूल मंत्र है और सफलता संघर्ष का ही सुखद परिणाम होती है। उन्होंने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियाँ साझा करते हुए बताया कि वे स्वयं एक कुशल धावक रहे हैं और उन्होंने खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनेक उपलब्धियाँ अर्जित की हैं। विद्यार्थियों को खेलते हुए देखकर तथा विजेता विद्यार्थियों को मेडल पहनाते समय उन्हें अत्यंत आनंद एवं गर्व की अनुभूति हुई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के खेल महोत्सव विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यालय केवल पढ़ाई का केंद्र नहीं बल्कि वह स्थान है जहाँ विद्यार्थियों की रुचि और क्षमता के अनुसार उनके सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त होता है और इस प्रक्रिया में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। शिक्षक ही विद्यार्थियों की प्रतिभा को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस अवसर पर डॉ. श्रीमती राज रेखा शुक्ला ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि खेल बच्चों को अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता प्रदान करते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। द्वितीय दिवस में क्रिकेट, कबड्डी, खो-खो जैसे प्रमुख खेलों के फाइनल मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें खिलाड़ियों ने अत्यंत रोमांचक और सराहनीय प्रदर्शन किया।
विद्यालय के प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी ने दोनों दिवसों में उपस्थित मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का हृदय से स्वागत करते हुए उनके संघर्षपूर्ण जीवन, उपलब्धियों और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डाला। उनके प्रेरणादायी शब्दों ने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। प्राचार्य मुखर्जी द्वारा अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
उल्लासपूर्ण समापन और अविस्मरणीय स्मृतियाँ
दोनों दिवसों में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में कुल लगभग 350 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिनमें 200 बालक एवं 150 बालिकाएँ सम्मिलित रहीं। एलकेजी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों ने जिस जोश, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ प्रदर्शन किया, वही इस खेल महोत्सव की सबसे बड़ी उपलब्धि रही। वास्तव में ये सभी विद्यार्थी इस आयोजन के सच्चे सितारे थे, जिनके बिना यह भव्य आयोजन संभव नहीं हो पाता।
समापन अवसर पर ओलंपिक मशाल को विधिवत बुझाकर
डॉ. श्रीमती राज रेखा शुक्ला मैडम एवं प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी द्वारा
वार्षिक खेल महोत्सव 2025–26 के समापन की घोषणा की गई। इसके पश्चात वोट ऑफ थैंक्स प्रस्तुत किया गया, जिसमें सभी अतिथियों, शिक्षकों, गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का हृदय से आभार व्यक्त किया गया।
सभी विजेता एवं सहभागी विद्यार्थियों को मेडल एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। बच्चों के चेहरों पर झलकती खुशी इस आयोजन की सफलता की सबसे सुंदर पहचान थी। यह भव्य आयोजन प्राचार्य श्री हेमंतो मुखर्जी के कुशल नेतृत्व, दूरदर्शिता और मार्गदर्शन में संभव हो पाया। सीमित संसाधनों के बावजूद डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, खरमोरा ने एक अनुकरणीय, प्रेरणादायी एवं अत्यंत सफल वार्षिक खेल महोत्सव 2025–26 का आयोजन कर यह सिद्ध कर दिया कि जब नेतृत्व मजबूत हो, टीम समर्पित हो और लक्ष्य स्पष्ट हो, तो सफलता निश्चित होती है।









