Dhaan khareedee : धान खरीदी केंद्र पर किसानों का फूटा गुस्सा मनमानी कटौती के विरोध में प्रदर्शन
Dhaan khareedee , राजिम। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया के बीच, राजिम विधानसभा क्षेत्र के लोहरसी धान खरीदी केंद्र पर शुक्रवार को भारी विवाद खड़ा हो गया। किसानों ने केंद्र प्रबंधन पर मनमानी कटौती और गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जोरदार धरना प्रदर्शन किया।
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किसानों का स्पष्ट आरोप है कि केंद्र पर उनके मेहनत से उपजाए गए धान में नमी की मात्रा का बहाना बनाया जा रहा है, और प्रति बोरी 1 किलोग्राम तक की अवैध कटौती की जा रही है। किसानों का कहना है कि यह मनमानी कटौती उन्हें बड़ा आर्थिक नुकसान पहुंचा रही है और खुलेआम उनका शोषण किया जा रहा है।
नमी के नाम पर खुली लूट का आरोप
स्थानीय किसान जितेंद्र सिन्हा ने मीडिया को बताया कि धान की तौल के दौरान केंद्र के कर्मचारी जानबूझकर नमी मीटर पर अधिक रीडिंग दिखाकर प्रत्येक बोरी में अतिरिक्त धान की मांग कर रहे हैं। किसानों के अनुसार, एक किसान से सैकड़ों बोरी धान खरीदने पर यह कटौती क्विंटलों में बदल जाती है, जिससे उनका सीधा-सीधा नुकसान हो रहा है।
किसानों ने आरोप लगाया कि धान खरीदी केंद्र के संचालक राजनीतिक संरक्षण के बल पर यह अवैध वसूली कर रहे हैं। जो किसान इसका विरोध करता है, उसे धान बेचने से रोक देने की धमकी तक दी जा रही है।
केंद्र पर ताला लगाने की दी चेतावनी
सुबह से शुरू हुआ यह विवाद दोपहर होते-होते उग्र रूप ले लिया, जब बड़ी संख्या में किसान एकजुट होकर खरीदी केंद्र के सामने धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने मांग की है कि तौल में हो रही मनमानी कटौती को तुरंत बंद किया जाए और कटौती के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारी किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या का समाधान तत्काल नहीं किया गया, तो वे लोहरसी खरीदी केंद्र पर ताला लगाकर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू कर देंगे। किसानों ने इस संबंध में स्थानीय प्रशासन को भी ज्ञापन सौंपा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इस घटना ने पूरे क्षेत्र में धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता पर बड़ा प्रश्न चिह्न खड़ा कर दिया है और राज्य सरकार की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। यह वीडियो छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के दौरान टोकन और सर्वर की समस्याओं पर किसानों की परेशानी को दर्शाता है, जो धान खरीदी केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्थाओं के व्यापक संदर्भ को समझने में मदद करता है।









