Farmer suicide chhattisgarh : सुसाइड नोट में नाम, फिर भी क्यों ढीली पड़ी पुलिस की कार्रवाई? परिजनों ने किया विरोध
Farmer suicide chhattisgarh
Farmer suicide chhattisgarh : छग (छत्तीसगढ़): राजनांदगांव जिले में कर्ज और सूदखोरों की प्रताड़ना से परेशान एक किसान-व्यापारी ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। यह सनसनीखेज मामला सुरगी पुलिस चौकी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां 19 नवंबर को संबलपुर (सिंघोाला) निवासी रामखिलावन साहू (49) का शव सिंघोला धान खरीदी केंद्र के पास एक पेड़ से लटका मिला।
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सुसाइड नोट से हुआ चौंकाने वाला खुलासा!
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें मृतक किसान को प्रताड़ित करने वाले बड़े कारोबारियों के नाम स्पष्ट रूप से लिखे गए हैं। नोट के अनुसार, रामखिलावन साहू को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने वालों में राजनांदगांव के जाने-माने सराफा व्यापारी आरके ज्वेलर्स के संचालक, और आढ़तिया उमेश पालीवाल व रमेश पालीवाल शामिल हैं।
5% तक का अत्यधिक ब्याज बना मौत का कारण
मृतक के परिजनों ने बताया कि रामखिलावन साहू ने इन कारोबारियों से कुछ रकम उधार ली थी। यह कर्ज उन्हें भारी पड़ गया, क्योंकि इन लोगों द्वारा उस रकम पर 5 प्रतिशत तक का अत्यधिक ब्याज वसूला जा रहा था। लगातार मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के कारण ही मेहनतकश किसान-व्यापारी साहू ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। रामखिलावन साहू कृषि उपज मंडी में धान की खरीदी-बिक्री से भी जुड़े हुए थे।
6 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस पर उठे सवाल
इस गंभीर घटना के सामने आने के बावजूद, परिजनों का आरोप है कि घटना के 6 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। परिजनों ने राजनांदगांव पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की है।यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि कर्ज के जाल में फंसे लोगों को सूदखोरों द्वारा किस हद तक प्रताड़ित किया जाता है। सुसाइड नोट में नाम सामने आने के बाद अब यह देखना होगा कि पुलिस इस मामले में कब तक और क्या कार्रवाई करती है।









