Unity March controversy : यूनिटी मार्च में दिखी अनबन! पूर्व सांसद और जिला अध्यक्ष के बीच नोकझोंक

Unity March controversy

Unity March controversy

Unity March controversy, जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर पूरे देशभर में एकता और अखंडता का संदेश देने के लिए यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। लेकिन इस आयोजन में एकता की मिसाल देने वाले मंच पर ही विवाद हो गया। मामला जांजगीर-चांपा का है, जहां पूर्व सांसद कमला देवी पाटले और पूर्व बीजेपी जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह चंदेल के बीच कुर्सी को लेकर बहस हो गई।

School Uniform Change in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में बदलेगी ड्रेस, नई यूनिफॉर्म में आएगा चेक प्रिंट और ग्रे रंग, अगले सत्र से पूरे प्रदेश में लागू होगा बदलाव

मंच पर हुआ विवाद, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि यूनिटी मार्च के दौरान मंच पर ही दोनों नेताओं के बीच कुर्सी को लेकर तीखी नोकझोंक हुई। वीडियो में पूर्व सांसद कमला देवी पाटले नाराज नजर आ रही हैं, जबकि पूर्व जिला अध्यक्ष गुलाब सिंह चंदेल हाथ जोड़कर उन्हें समझाने की कोशिश करते दिख रहे हैं।

कोहरे का कहर: सरगुजा संभाग सड़क हादसों से दहल उठा उत्तर छत्तीसगढ़.. दो की दर्दनाक मौत

कुर्सी की वजह से शुरू हुआ विवाद

मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि यह विवाद कुर्सी की जगह को लेकर हुआ। कहा जा रहा है कि कमला देवी पाटले की कुर्सी के पास बैठे व्यक्ति का हाथ उनसे टच हुआ, जिससे स्थिति अचानक तनावपूर्ण बन गई। हालांकि, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान नहीं आया है।

यूजर्स ने उठाए सवाल — “यूनिटी मार्च में ही विवाद?”

इस वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स जमकर बीजेपी नेताओं पर सवाल उठा रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “जहां एकता का संदेश देना था, वहीं मंच पर विवाद… यह कैसी यूनिटी मार्च?”

पार्टी के लिए बनी मुश्किल स्थिति

कार्यक्रम का उद्देश्य सरदार पटेल के आदर्शों को याद करते हुए एकता और अनुशासन का संदेश देना था, लेकिन मंच पर हुई यह घटना पार्टी की छवि पर सवाल खड़े कर रही है। फिलहाल, पार्टी नेतृत्व ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

About The Author