चैतन्य बघेल के वकील ने हाईकोर्ट से मांगी जमानत, ED ने किया जोरदार विरोध


बिलासपुर, छत्तीसगढ़: छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार आरोपी चैतन्य बघेल की जमानत याचिका पर सोमवार को बिलासपुर हाईकोर्ट में लंबी बहस हुई। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अदालत को बताया कि उनके पास ऐसे दस्तावेज मिले हैं, जो यह साबित करते हैं कि चैतन्य बघेल इस पूरे षड्यंत्र में शामिल थे।
मालनपुर थाने में हुई घटना, आर्मी जवान से दुर्व्यवहार पर 2 पुलिसकर्मी हटाए गए
न्यायमूर्ति दीपक कुमार तिवारी की एकलपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान, ईडी के वकील ने चैतन्य बघेल की जमानत का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने करीब एक घंटे तक चली सुनवाई में अदालत को बताया कि बघेल के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं और अगर उन्हें जमानत दी जाती है तो वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं।
ईडी ने अदालत में पेश किए गए दस्तावेजों का हवाला देते हुए कहा कि चैतन्य बघेल के पास से कई महत्वपूर्ण कागजात बरामद हुए हैं, जिनमें इस पूरे शराब घोटाले के लेन-देन और साजिश का ब्योरा है। ईडी ने यह भी बताया कि इस मामले में अभी कई और लोगों से पूछताछ होनी बाकी है, और अगर बघेल को जमानत मिलती है तो जांच प्रभावित हो सकती है।
दूसरी ओर, चैतन्य बघेल के वकील ने अदालत से कहा कि उनके मुवक्किल को फंसाया जा रहा है और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। उन्होंने तर्क दिया कि बघेल का इस घोटाले से कोई सीधा संबंध नहीं है और उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है। अब अदालत इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी कि चैतन्य बघेल को जमानत दी जाए या नहीं।
गौरतलब है कि चैतन्य बघेल को ईडी ने शराब घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि बघेल इस घोटाले में शामिल एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जिसके जरिए अवैध धन का लेन-देन हुआ था। इस मामले में कई अन्य लोगों से भी ईडी पूछताछ कर रही है।
Paras Jain, Editor of Nagar Darpan News, delivering insightful journalism with a focus on local and regional news. Stay informed with his expert reporting and analysis.