SECL Kusmunda News: स्थानीय युवाओं के रोजगार पर छिड़ा विवाद, किसान सभा ने दी आंदोलन की चेतावनी
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थानीय बेरोजगारों को आउटसोर्सिंग कंपनियों में रोजगार देने की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ किसान सभा ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने जिला कलेक्टर और एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र के मुख्य महाप्रबंधक को ज्ञापन सौंपकर प्रभावित गांवों के युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी देने की मांग की है। किसान सभा ने चेतावनी दी है कि मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने पर 4 नवंबर 2026 को कुसमुंडा खदान बंद कर कोयला परिवहन बाधित किया जाएगा।
खदान विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण, फिर भी रोजगार नहीं मिलने का आरोप
छत्तीसगढ़ किसान सभा का कहना है कि एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र में खदान विस्तार के लिए पूर्व में और वर्तमान में कई गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है। इसके बावजूद प्रभावित गांवों के बेरोजगारों को आउटसोर्सिंग कंपनियों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार नहीं मिल रहा है।
संगठन ने आरोप लगाया कि स्थानीय युवाओं की अनदेखी कर दूसरे जिलों और राज्यों के लोगों को काम दिया जा रहा है, जबकि खदान विस्तार के कारण प्रभावित क्षेत्र के युवा नौकरी के लिए भटकने को मजबूर हैं।
70-30 प्रतिशत रोजगार व्यवस्था पर उठाए सवाल
किसान सभा ने अपने ज्ञापन में आउटसोर्सिंग कंपनियों में लागू बताए जा रहे 70 और 30 प्रतिशत रोजगार प्रावधान के कथित उल्लंघन का मुद्दा उठाया है। संगठन ने इस व्यवस्था को समाप्त कर खदान विस्तार के लिए जिन गांवों की जमीन अधिग्रहित की गई है, वहां के प्रभावित बेरोजगारों को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की है।
इसके साथ ही किसान सभा ने प्रभावित जिले के बेरोजगारों को शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है।
गोदावरी कंपनी बंद होने से सैकड़ों कर्मचारियों के बेरोजगार होने का मुद्दा
ज्ञापन में आउटसोर्सिंग कंपनियों के कामकाज से जुड़ी रोजगार संबंधी समस्याओं को भी उठाया गया है। किसान सभा ने मांग की है कि किसी कंपनी का काम समाप्त होने के बाद जब नई कंपनी को जिम्मेदारी मिले, तो पहले से काम कर रहे कर्मचारियों को दोबारा रोजगार देने में प्राथमिकता दी जाए।
संगठन ने गोदावरी कंपनी बंद होने के कारण जिले के सैकड़ों कर्मचारियों के बेरोजगार होने का मुद्दा उठाते हुए उनके रोजगार की व्यवस्था करने की मांग की है।
4 नवंबर को खदान बंद और कोयला परिवहन रोकने की चेतावनी
किसान सभा ने कहा है कि यदि समय रहते मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो 4 नवंबर 2026 को आंदोलन किया जाएगा। इसके तहत कुसमुंडा खदान बंद करने के साथ कुसमुंडा थाना क्षेत्र, बालमपुर और सर्वमंगला मंदिर के पास से गुजरने वाले कोयला परिवहन मार्ग को बाधित करने की चेतावनी दी गई है।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांगों का निराकरण नहीं होने पर प्रस्तावित आंदोलन की जिम्मेदारी एसईसीएल प्रबंधन की होगी।
जिला प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन
छत्तीसगढ़ किसान सभा ने जिला प्रशासन और एसईसीएल कुसमुंडा प्रबंधन से स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार देने, भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा करने और आउटसोर्सिंग कंपनियों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रस्तावित आंदोलन से पहले प्रबंधन और प्रशासन की ओर से क्या पहल की जाती है।










