सुनालिया ओव्हरब्रिज से मुरारका पेट्रोल पंप तक दिनभर जाम, कोरबा में Odd-Even फार्मूला लागू करने की मांग
कोरबा। शहर में लगातार बढ़ती यातायात समस्या और दिनभर लगने वाले जाम को देखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह ने कोरबा शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए Odd-Even फार्मूला प्रयोग के तौर पर लागू करने की मांग की है।
धनेश कुमार सिंह ने कहा कि विशेष रूप से सुनालिया पुल/ओव्हरब्रिज क्षेत्र में दिनभर यातायात का दबाव बना रहता है। ओव्हरब्रिज के नीचे मुरारका पेट्रोल पंप के आसपास वाहनों की अधिक आवाजाही, बेतरतीब पार्किंग तथा सड़क के सीमित स्थान के कारण कई बार लंबा जाम लग जाता है। जाम की स्थिति में आम नागरिकों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, मरीजों और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि कोरबा जैसे तेजी से बढ़ते शहर में केवल सड़क चौड़ी करना ही यातायात समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। यातायात के वैज्ञानिक प्रबंधन और उपलब्ध सड़क क्षमता के बेहतर उपयोग की आवश्यकता है।
पहले ट्रायल के रूप में लागू हो व्यवस्था
धनेश कुमार सिंह ने सुझाव दिया कि पूरे शहर में तत्काल Odd-Even लागू करने के बजाय सुनालिया पुल, ओव्हरब्रिज तथा मुरारका पेट्रोल पंप के आसपास के संवेदनशील मार्गों पर सीमित अवधि के लिए ट्रायल किया जाए।
इसके अंतर्गत सम और विषम नंबर प्लेट वाले निजी वाहनों के लिए अलग-अलग दिनों में आवागमन की व्यवस्था की जा सकती है। आवश्यक सेवाओं, एम्बुलेंस, अग्निशमन वाहन, स्कूल बस एवं अन्य आपातकालीन वाहनों को इससे छूट दी जाए।
उन्होंने कहा कि 15 से 30 दिन के ट्रायल के बाद यातायात पर इसके प्रभाव का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाए। यदि इससे जाम में कमी आती है तो इसे शहर के अन्य अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
पार्किंग और अतिक्रमण पर भी हो कार्रवाई
धनेश कुमार सिंह ने कहा कि Odd-Even व्यवस्था के साथ-साथ सड़क किनारे अवैध पार्किंग, अस्थायी अतिक्रमण, ठेले तथा यातायात में बाधा बनने वाले वाहनों पर भी प्रभावी कार्रवाई आवश्यक है। केवल नियम बनाने से नहीं बल्कि उसके सख्त और समान रूप से पालन से ही यातायात व्यवस्था में सुधार संभव है।
उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम से मांग की है कि कोरबा की वर्तमान यातायात स्थिति का तत्काल सर्वे कर सुनालिया ओव्हरब्रिज क्षेत्र में विशेष ट्रैफिक प्लान तैयार किया जाए तथा Odd-Even फार्मूले को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जाए।










