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Sambhal Violence Case : संभल हिंसा केस में मुल्ला अफरोज को राहत, NSA के तहत हिरासत रद्द, यूपी सरकार पर जुर्माना

Sambhal Violence Case : नई दिल्ली। संभल हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ा झटका देते हुए मुल्ला अफरोज की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत रद्द कर दी है। 29 सितंबर 2026 को आए फैसले में शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस हिरासत में दिए गए कथित इकबालिया बयान को अकेले निवारक हिरासत का आधार नहीं बनाया जा सकता। इस फैसले से मुल्ला अफरोज को राहत मिली है और NSA के इस्तेमाल तथा व्यक्तिगत स्वतंत्रता से जुड़े कानूनी पहलुओं पर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।

पुलिस के कथित कबूलनामे के आधार पर हुई थी कार्रवाई

मामला नवंबर 2024 में उत्तर प्रदेश के संभल में जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा से जुड़ा है। इस घटना के बाद मुल्ला अफरोज के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए थे। बाद में जिला प्रशासन ने 13 अक्टूबर 2025 को उनके खिलाफ NSA के तहत निवारक हिरासत का आदेश जारी किया था। राज्य सरकार ने नवंबर 2025 में हिरासत की अवधि 12 महीने के लिए मंजूर की थी।

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सुप्रीम कोर्ट ने कबूलनामे को लेकर उठाए सवाल

मुल्ला अफरोज ने NSA के तहत हिरासत को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। सुनवाई के दौरान हिरासत के आधार और पुलिस के सामने दिए गए कथित इकबालिया बयान की वैधता पर सवाल उठे। अदालत ने माना कि केवल पुलिस हिरासत में दिए गए कथित कबूलनामे के आधार पर किसी व्यक्ति को NSA के तहत हिरासत में रखना उचित नहीं है।

उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना

सुप्रीम कोर्ट ने हिरासत की कार्रवाई को अनुचित मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। अदालत के इस फैसले में व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निवारक हिरासत के कानूनी आधारों को महत्वपूर्ण माना गया है। सरकार की कार्रवाई पर अदालत की यह टिप्पणी पुलिस हिरासत में दर्ज बयानों के इस्तेमाल को लेकर भी अहम है।

मुल्ला अफरोज ने इससे पहले इलाहाबाद हाईकोर्ट में भी NSA के तहत हिरासत को चुनौती दी थी। जून 2026 में हाईकोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने शीर्ष अदालत में अपील की। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान हिरासत के आदेश और उसके आधारों की कानूनी वैधता पर विचार किया गया।

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