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गणेश उत्सव में ध्वनि सीमा तोड़ने वाले DJ संचालकों पर कोरबा पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, नियमों के उल्लंघन पर सख्ती

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में गणेश उत्सव के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वाले डीजे संचालकों के खिलाफ पुलिस ने लगातार कार्रवाई की। गणेश उत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों, जुलूसों और विसर्जन कार्यक्रमों में तेज आवाज में डीजे बजाने की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए निगरानी बढ़ाई। पुलिस की इस कार्रवाई का उद्देश्य ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना, आम नागरिकों को परेशानी से बचाना और त्योहार के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखना रहा।

गणेश उत्सव में डीजे संचालकों पर पुलिस की नजर

गणेश उत्सव के दौरान जिले में विभिन्न स्थानों पर धार्मिक कार्यक्रम, शोभायात्राएं और विसर्जन जुलूस आयोजित किए गए। इन आयोजनों में डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग किया गया। निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए कोरबा पुलिस ने आयोजनों और डीजे संचालकों पर निगरानी रखी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती

पुलिस के अनुसार, गणेश उत्सव के दौरान निर्धारित ध्वनि सीमा से अधिक आवाज में डीजे बजाने वाले संचालकों के खिलाफ लगातार प्रभावी और कठोर कार्रवाई की गई। इस अभियान के जरिए आयोजकों और डीजे संचालकों को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का पालन करने का संदेश दिया गया। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में कार्रवाई के तहत जब्त उपकरणों, दर्ज मामलों और जुर्माने की संख्या का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

आम नागरिकों को राहत देने की पहल

तेज आवाज में डीजे बजने से बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। इसके अलावा अत्यधिक ध्वनि से आसपास के रहवासियों की दिनचर्या भी प्रभावित होती है। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई को त्योहार के दौरान ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण और नागरिकों की सुविधा से जोड़कर देखा जा रहा है।

शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने पर जोर

कोरबा पुलिस ने गणेश उत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए ध्वनि सीमा के नियमों पर सख्ती बरती। पुलिस की कार्रवाई का मकसद धार्मिक उत्सव में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना नहीं, बल्कि निर्धारित नियमों के अनुरूप आयोजन सुनिश्चित करना है।

पुलिस प्रशासन की ओर से डीजे संचालकों और आयोजन समितियों से निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करने की अपेक्षा की गई है। त्योहारों के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करते समय प्रशासनिक दिशा-निर्देशों और समय सीमा का ध्यान रखना जरूरी है। नियमों की अनदेखी करने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

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