Mann Ki Baat : पीएम मोदी का बड़ा बयान, बोले- आज का भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करता, सर्जिकल स्ट्राइक का किया जिक्र
Mann Ki Baat : नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 138वें एपिसोड में देश को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करता और आतंक के खिलाफ अपनी सुरक्षा एवं संप्रभुता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम में उन्होंने ऐतिहासिक घटनाओं, राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के नागरिकों की जिम्मेदारियों से जुड़े विषयों पर भी बात की।
सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का किया जिक्र
मन की बात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाइयों को याद किया। उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए आतंकवाद के विरुद्ध देश की दृढ़ नीति को रेखांकित किया। इन अभियानों का जिक्र करते हुए उन्होंने भारत की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के संकल्प को सामने रखा।
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9/11 हमले के पीड़ितों को किया याद
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में अमेरिका में हुए 11 सितंबर 2001 के आतंकी हमले का भी उल्लेख किया। उन्होंने आतंकवाद से प्रभावित लोगों को याद करते हुए इस वैश्विक चुनौती के खिलाफ एकजुट प्रयासों के महत्व पर बात की। आतंकवाद का प्रभाव केवल एक देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरी दुनिया की शांति और सुरक्षा के लिए चुनौती है।
अशोक सिंघल को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री मोदी ने विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके योगदान और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कार्यों का स्मरण किया। इसके साथ ही भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
मोढेरा सूर्य मंदिर की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने गुजरात के प्रसिद्ध मोढेरा सूर्य मंदिर का भी जिक्र किया। उन्होंने भारत की ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। देश की प्राचीन विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता भी कार्यक्रम के प्रमुख विषयों में शामिल रही।
जनगणना को बताया राष्ट्रीय जिम्मेदारी
प्रधानमंत्री ने जनगणना का उल्लेख करते हुए इसे केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी के रूप में देखने की बात कही। जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की विकास योजनाओं, नीतियों और विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रमों के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों की सहभागिता के महत्व पर जोर दिया।










