CG High Court : हाईकोर्ट का बड़ा फैसला’ सिर्फ रुपये मिलने से रिश्वतखोरी साबित नहीं, मांग और स्वीकार करना भी सिद्ध करना होगा
Chhattisgarh High Court
CG High Court : रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रिश्वतखोरी से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत दोहराते हुए कहा है कि केवल आरोपी के कब्जे से रिश्वत के लिए इस्तेमाल किए गए नोटों की बरामदगी अपने आप में दोषसिद्धि के लिए पर्याप्त नहीं है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन पक्ष को यह साबित करना जरूरी है कि आरोपी ने अवैध रिश्वत की मांग की थी और उसे स्वीकार किया था। हाईकोर्ट ने यह बात सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट की है।
रिश्वत की मांग साबित करना अनिवार्य
अदालत ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत अपराध स्थापित करने के लिए अवैध परितोषण यानी रिश्वत की मांग महत्वपूर्ण तत्व है। महज आरोपी के पास से संदिग्ध या दागी नोट मिल जाने से यह स्वतः साबित नहीं हो जाता कि उसने रिश्वत ली थी।
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हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के बी. जयराज बनाम आंध्र प्रदेश राज्य और सी.एम. गिरीश बाबू बनाम सीबीआई जैसे मामलों में स्थापित सिद्धांतों का उल्लेख किया। इन फैसलों के अनुसार, मांग के ठोस साक्ष्य के अभाव में केवल मुद्रा नोटों की बरामदगी को रिश्वतखोरी का पर्याप्त प्रमाण नहीं माना जा सकता।
अभियोजन को पहले मूल तथ्य साबित करने होंगे
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 20 के तहत कानूनी अनुमान लगाने से पहले अभियोजन पक्ष को मामले के मूलभूत तथ्यों को स्थापित करना होता है। यानी यह दिखाना जरूरी है कि आरोपी से रिश्वत की मांग और उसकी स्वीकृति से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
इसके बाद ही आरोपी के कब्जे में मिली राशि को लेकर उसके स्पष्टीकरण और कानूनी अनुमान के सवाल पर विचार किया जा सकता है।
शिकायतकर्ता के बयान की भी होगी जांच
हाईकोर्ट ने यह भी रेखांकित किया कि रिश्वत के ट्रैप मामलों में शिकायतकर्ता के बयान को परिस्थितियों और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों के साथ परखा जाना चाहिए। यदि शिकायतकर्ता के बयान में विरोधाभास हो या वह रिश्वत की मांग की बात का समर्थन न करे, तो केवल बरामद रकम के आधार पर दोषसिद्धि करना पर्याप्त नहीं होगा।
अदालत ने पूर्व निर्णयों में यह भी माना है कि उचित मामले में शिकायतकर्ता के बयान की स्वतंत्र पुष्टि की आवश्यकता हो सकती है।









