DMF के कामों में गड़बड़ी मिली, सब-इंजीनियर पर कार्रवाई के निर्देश’ कलेक्टर ने आंगनबाड़ी भवन में 8 की जगह 6 MM का सरिया लगाने पर जताई नाराजगी
कोरबा। जिला खनिज न्यास निधि (DMF) के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में कथित गड़बड़ी सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान एक निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन में निर्धारित मानकों के अनुसार सामग्री का उपयोग नहीं किए जाने की बात सामने आई। मामले में कलेक्टर ने गंभीर नाराजगी जताते हुए संबंधित सब-इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि आंगनबाड़ी भवन के निर्माण में जहां 8 एमएम सरिया का उपयोग किया जाना था, वहां कथित तौर पर 6 एमएम सरिया लगाया गया। इसे निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के लिहाज से गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
8 MM की जगह लगाया गया 6 MM सरिया
जानकारी के अनुसार, कलेक्टर ने DMF मद से संचालित विकास कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लेने के लिए निरीक्षण किया था। इस दौरान आंगनबाड़ी भवन के निर्माण कार्य में सरिए की गुणवत्ता और मोटाई को लेकर अनियमितता सामने आई।
निर्माण कार्य में स्वीकृत तकनीकी मानकों का पालन होना आवश्यक है। ऐसे में कम क्षमता वाले सरिए का उपयोग किए जाने पर भवन की मजबूती और गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
कलेक्टर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से निर्माण कार्य की जानकारी ली और संबंधित तकनीकी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
सब-इंजीनियर की भूमिका पर उठे सवाल
निर्माण कार्यों की तकनीकी निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित इंजीनियरिंग अधिकारियों की होती है। ऐसे में निर्धारित मानकों से अलग सामग्री के उपयोग का मामला सामने आने पर सब-इंजीनियर की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कर आवश्यक सुधार कराने की बात भी कही गई है।
DMF के कार्यों में गुणवत्ता से समझौता नहीं
जिला खनिज न्यास निधि के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में विकास और जनसुविधाओं से जुड़े कार्य कराए जाते हैं। ऐसे में इन योजनाओं में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने के निर्देश प्रशासन की ओर से दिए जाते रहे हैं।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सरकारी राशि से होने वाले निर्माण कार्यों में लापरवाही या मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।









