तिरंगा फहराने की तस्वीर से कथित छेड़छाड़, नितिन नवीन मामले में कांग्रेस नेता पर FIR
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोशल मीडिया पर एक तस्वीर से कथित छेड़छाड़ को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास की शिकायत पर कांग्रेस आईटी सेल से जुड़े नेता अरुण साहू के खिलाफ सिविल लाइन थाने में FIR दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के तिरंगा फहराने की तस्वीर के साथ कथित तौर पर छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवाद
शिकायत के अनुसार, नितिन नवीन की तिरंगा फहराते हुए तस्वीर को कथित रूप से एडिट किया गया और उसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया गया। भाजपा नेता गौरीशंकर श्रीवास ने इसे आपत्तिजनक बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
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शिकायतकर्ता का आरोप है कि तस्वीर के साथ छेड़छाड़ कर उसकी मूल भावना और स्वरूप को बदलने का प्रयास किया गया। भाजपा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की।
सिविल लाइन थाने में दर्ज हुई FIR
गौरीशंकर श्रीवास की शिकायत के बाद रायपुर के सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले में FIR दर्ज की है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की जांच कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस संबंधित पोस्ट, उसके स्रोत और उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने की परिस्थितियों की पड़ताल कर सकती है। इसके साथ ही पोस्ट तैयार करने और साझा करने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
भाजपा ने की कार्रवाई की मांग
भाजपा की ओर से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। पार्टी नेताओं का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी सार्वजनिक व्यक्ति की तस्वीर से कथित छेड़छाड़ कर उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करना उचित नहीं है।
गौरीशंकर श्रीवास ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करने और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
FIR दर्ज होने के बाद इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। सोशल मीडिया पर राजनीतिक दलों और नेताओं से जुड़ी तस्वीरों और वीडियो को लेकर पहले भी विवाद सामने आते रहे हैं।
ऐसे मामलों में तस्वीर या वीडियो की वास्तविकता की जांच करना महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि एडिट की गई सामग्री तेजी से वायरल हो सकती है।









