कोरबा में बिजली पोल के नीचे मिला युवक का शव’ अंडरवियर में मिला धमकी भरा पत्र और मोबाइल, हत्या या आत्महत्या’ पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक युवक की संदिग्ध मौत ने सनसनी फैला दी है। मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र के डीपरापारा में 40 वर्षीय लवकुश का शव बिजली के पोल के नीचे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। शुरुआत में मामला करंट लगने या आत्महत्या का माना जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान मिले अहम सुरागों ने जांच की दिशा बदल दी है। मृतक के अंडरवियर में एक धमकी भरा पत्र और मोबाइल फोन मिलने के बाद पुलिस अब हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
बिजली के पोल के नीचे मिला शव, इलाके में फैली सनसनी
जानकारी के अनुसार, स्थानीय लोगों ने डीपरापारा में बिजली के पोल के नीचे एक युवक का शव पड़ा देखा। घटना की सूचना मिलते ही मानिकपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। प्रारंभिक तौर पर घटनास्थल की परिस्थितियों को देखते हुए आशंका जताई गई कि युवक की मौत करंट लगने या आत्महत्या के कारण हुई हो सकती है।
हालांकि पुलिस ने बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचे घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए।
पोस्टमार्टम में मिले अहम सुराग
मामले में नया मोड़ उस समय आया जब पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के अंडरवियर से एक धमकी भरा पत्र और मोबाइल फोन बरामद हुआ। इन दोनों चीजों ने पुलिस की जांच को नई दिशा दे दी है।
धमकी भरे पत्र की सामग्री और मोबाइल में मौजूद कॉल डिटेल, मैसेज तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि पत्र किसने लिखा, उसमें किन लोगों का जिक्र है और उसका युवक की मौत से क्या संबंध है।
हत्या और आत्महत्या, दोनों एंगल से जांच
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए मामले की जांच हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
फॉरेंसिक टीम की मदद से घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के आधार पर मौत के वास्तविक कारण का पता लगाया जाएगा।
परिजनों और परिचितों से पूछताछ जारी
जांच के तहत पुलिस मृतक के परिवार, दोस्तों और परिचितों से पूछताछ कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि मृतक का किसी से विवाद था या उसे पहले से किसी प्रकार की धमकी मिल रही थी।
मोबाइल फोन की कॉल हिस्ट्री, चैट, सोशल मीडिया गतिविधियों और हालिया संपर्कों की जांच भी पुलिस के लिए अहम कड़ी साबित हो सकती है।









