CG NEWS : मेमू ट्रेनों को लेकर नया आदेश जारी, आंशिक बहाली के साथ कुछ सेवाएं अभी भी बंद

CG NEWS : रायपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत देते हुए 23 और 24 जुलाई को रद्द की गई चार मेमू ट्रेनों को फिर से बहाल करने का फैसला किया है। हालांकि भाटापारा-हथबंध स्टेशनों के बीच तीसरी लाइन सेक्शन में ऑटो सिग्नलिंग से जुड़े नॉन-इंटरलॉकिंग (एनआई) कार्य के चलते चार अन्य ट्रेनें अब भी रद्द रहेंगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की स्थिति की जानकारी लेने की अपील की है।

क्यों किया जा रहा है एनआई कार्य?

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भाटापारा-हथबंध सेक्शन में तीसरी लाइन पर ऑटो सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की जा रही है। इस कार्य के दौरान सिग्नल और ट्रैक व्यवस्था को नए सिस्टम से जोड़ने के लिए नॉन-इंटरलॉकिंग ब्लॉक लिया गया है। इससे ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए कुछ समय तक यातायात प्रभावित रहेगा।

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पहले रद्द, अब बहाल हुईं चार मेमू ट्रेनें

रेलवे ने पहले जिन चार मेमू ट्रेनों को 23 और 24 जुलाई के लिए रद्द करने की घोषणा की थी, उन्हें अब पुनः चलाने का निर्णय लिया है। बहाल की गई ट्रेनों के नंबर और समय की जानकारी रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट और स्टेशन सूचना केंद्रों पर उपलब्ध कराई जा रही है। इस फैसले से रोजाना रायपुर, भाटापारा और बिलासपुर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को राहत मिली है।

चार ट्रेनें अब भी रहेंगी रद्द

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तकनीकी कार्य की अवधि और ट्रैक उपलब्धता को देखते हुए चार ट्रेनें अब भी निर्धारित तिथियों पर रद्द रहेंगी। इन ट्रेनों के यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों से यात्रा करने या टिकट रद्द कराने की सुविधा दी जाएगी। रेलवे ने प्रभावित यात्रियों को रिफंड संबंधी नियमों की जानकारी भी दी है।

स्टेशन पर बढ़ाई गई सूचना व्यवस्था

यात्रियों की सुविधा के लिए प्रमुख स्टेशनों पर अतिरिक्त घोषणा व्यवस्था और हेल्प डेस्क की व्यवस्था की गई है। रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ट्रेनों के समय और प्लेटफॉर्म संबंधी जानकारी समय पर यात्रियों तक पहुंचाई जाए, ताकि अनावश्यक भीड़ और परेशानी से बचा जा सके।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनुसार, तीसरी लाइन और ऑटो सिग्नलिंग व्यवस्था शुरू होने के बाद इस सेक्शन में ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी। इससे लाइन क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की समयपालन में सुधार होगा और भविष्य में मालगाड़ियों तथा यात्री ट्रेनों के संचालन में बेहतर समन्वय संभव हो सकेगा।

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