Delhi Violence News : संसद मार्च हिंसा मामले में दिल्ली पुलिस का बड़ा एक्शन, CCTV-ड्रोन फुटेज से होगी उपद्रवियों की पहचान

Delhi Violence News : नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सोमवार को CJP द्वारा आयोजित संसद मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले में कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, कई लोगों को हिरासत में लिया गया है और अब पुलिस वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, हिंसा में 6 आईपीएस अधिकारियों समेत 118 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। वहीं, पुलिस के 20 से अधिक वाहनों में तोड़फोड़ की गई। घटना में करीब 60 प्रदर्शनकारियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है।

250 से ज्यादा वीडियो फुटेज की जांच

दिल्ली पुलिस की जांच का प्रमुख आधार मोबाइल वीडियो, सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन फुटेज और पुलिस बॉडी कैमरों से मिले 250 से अधिक वीडियो हैं। इन फुटेज की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है।

इन बिंदुओं पर जांच कर रही पुलिस

दिल्ली पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है, जिनमें शामिल हैं—

  • हिंसा में शामिल लोगों की पहचान और उनकी भूमिका।
  • आरोपियों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं।
  • क्या प्रदर्शन के दौरान हिंसा पूर्व नियोजित थी।
  • क्या पुलिस पर पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की साजिश पहले से रची गई थी।
  • क्या सोशल मीडिया, व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लोगों को हिंसा के लिए उकसाया गया।

व्हाट्सएप ग्रुप भी जांच के दायरे में

जांच के दौरान पुलिस को कुछ व्हाट्सएप ग्रुप की जानकारी मिली है, जिनमें “चलो संसद” और “JNU संसद चलो कोऑर्डिनेशन” जैसे नाम शामिल बताए जा रहे हैं।

पुलिस का दावा है कि इन ग्रुपों में प्रदर्शन से जुड़े संदेश साझा किए गए थे। अब पुलिस इन ग्रुपों के एडमिन, सदस्यों और पोस्ट साझा करने वालों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, इन संदेशों और उनके प्रभाव की जांच अभी जारी है।

सीसीटीवी से होगी उपद्रवियों की पहचान

दिल्ली पुलिस का कहना है कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जांच जारी है और पुलिस मामले से जुड़े सभी तथ्यों को एकत्र कर रही है।

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