CG News : कैदियों के पुनर्वास की नई पहल, बेमेतरा में तैयार हुआ छत्तीसगढ़ का पहला आधुनिक ओपन जेल परिसर
CG News : रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जेल सुधार और कैदियों के पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश की पहली ओपन जेल की शुरुआत की है। यह आधुनिक सुधारात्मक केंद्र बेमेतरा जिले के पथर्रा गांव में तैयार किया गया है। जेल विभाग ने इसके संचालन के लिए आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिए हैं। करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस ओपन जेल का उद्देश्य ऐसे कैदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिन्होंने जेल में अच्छा आचरण और अनुशासन का परिचय दिया है।
अच्छे आचरण वाले कैदियों को मिलेगा अवसर
ओपन जेल में केवल उन कैदियों को रखा जाएगा, जो आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं और जेल में उनका व्यवहार संतोषजनक रहा है। पात्रता के लिए कैदियों के अनुशासन, आचरण और सुधार की प्रक्रिया का मूल्यांकन किया जाएगा।
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर कोरबा में सजेगी बिसात: ‘मेगा चेस चैंपियनशिप 2026’ का होगा आयोजन
जेल प्रशासन का मानना है कि इससे कैदियों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और वे समाज में दोबारा सम्मानजनक जीवन जीने के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
सुधारात्मक मॉडल पर आधारित होगी व्यवस्था
पारंपरिक जेलों की तुलना में ओपन जेल की व्यवस्था अलग होगी। यहां सुरक्षा व्यवस्था तो रहेगी, लेकिन कैदियों को अपेक्षाकृत अधिक स्वतंत्र वातावरण मिलेगा। उन्हें श्रम, कृषि, बागवानी, कौशल विकास और अन्य उत्पादक गतिविधियों से जोड़ने की योजना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
इस मॉडल का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि कैदियों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाकर उन्हें समाज के जिम्मेदार नागरिक के रूप में पुनर्स्थापित करना है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है परिसर
बेमेतरा के पथर्रा गांव में तैयार यह ओपन जेल आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। परिसर में आवासीय व्यवस्था, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रशिक्षण केंद्र और अन्य आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की गई है। साथ ही कैदियों के लिए रोजगारपरक गतिविधियों और कौशल विकास कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।
अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से कैदियों के मानसिक और सामाजिक विकास में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
जेल सुधार की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि ओपन जेल की अवधारणा दुनिया के कई राज्यों और देशों में सफल रही है। इससे कैदियों के दोबारा अपराध की ओर लौटने की संभावना कम होती है और वे समाज में बेहतर ढंग से पुनर्वासित हो पाते हैं।
छत्तीसगढ़ में इस पहल को जेल सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भविष्य में प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी ओपन जेल स्थापित करने पर विचार किया जा सकता है।









