CG News : कोंडागांव में एंटी करप्शन ब्यूरो का शिकंजा, रिश्वत के आरोप में तहसीलदार का रीडर गिरफ्तार
CG News : कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरसगांव तहसील कार्यालय में पदस्थ तहसीलदार के रीडर मुकेश रंगारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया और पूरे दिन कर्मचारियों तथा आम लोगों के बीच इस कार्रवाई की चर्चा होती रही। एसीबी की टीम आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है।
शिकायत के बाद बिछाया गया जाल
जानकारी के अनुसार, एंटी करप्शन ब्यूरो को शिकायत मिली थी कि तहसील कार्यालय में एक कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत का प्रारंभिक सत्यापन करने के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। शिकायतकर्ता को आवश्यक प्रक्रिया समझाने के बाद तय योजना के अनुसार आरोपी तक भेजा गया।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया आरोपी
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, जैसे ही शिकायतकर्ता ने तय राशि आरोपी को सौंपी, पहले से मौजूद टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया गया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में मौजूद लोगों की भीड़ लग गई और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
कार्यालय में मचा हड़कंप
कार्रवाई की सूचना मिलते ही तहसील कार्यालय के कर्मचारियों और आसपास के लोगों में हलचल मच गई। एसीबी की टीम ने मौके पर दस्तावेजों की जांच की और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम का पंचनामा तैयार कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि कथित रिश्वतखोरी के इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका तो नहीं थी। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एसीबी ने लोगों से की शिकायत करने की अपील
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी कार्यालय में कार्य के बदले रिश्वत की मांग की जाती है तो इसकी सूचना तत्काल एसीबी को दें। अधिकारियों ने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और सत्यापन के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। एसीबी का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









