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छत्तीसगढ़ बोर्ड सख्त: कम उपस्थिति वाले छात्र होंगे प्राइवेट

रायपुर। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश और परीक्षा नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत अब 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। साथ ही बिना अपार आईडी के किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

31 जुलाई तक एडमिशन का मौका

मंडल के अनुसार, कक्षा 9वीं से 12वीं तक नियमित प्रवेश प्रक्रिया 16 जून से शुरू होकर 31 जुलाई 2026 तक चलेगी। विशेष परिस्थितियों में मंडल सचिव की अनुमति से 17 अगस्त तक प्रवेश दिया जा सकेगा। वहीं, कक्षा 9वीं के छात्रों के लिए 31 अगस्त तक नामांकन अनिवार्य किया गया है।

75% उपस्थिति नहीं तो प्राइवेट छात्र

नए प्रावधान के तहत यदि किसी विद्यार्थी की उपस्थिति 75% से कम रहती है, तो उसे नियमित छात्र नहीं माना जाएगा और उसे प्राइवेट परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देनी होगी। हालांकि विशेष परिस्थितियों में अधिकतम 10% तक छूट दी जा सकती है।

दो साल से ज्यादा गैप पर सिर्फ प्राइवेट परीक्षा

यदि किसी छात्र की पढ़ाई में 1 साल का गैप है तो शपथ-पत्र के साथ नियमित प्रवेश मिल सकता है, लेकिन 2 साल से अधिक गैप होने पर केवल प्राइवेट छात्र के रूप में ही परीक्षा देनी होगी।

साल में दो बार होगी मुख्य परीक्षा

मंडल ने परीक्षा प्रणाली में भी बदलाव करते हुए अब एक ही सत्र में दो बार मुख्य परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया है। पहली परीक्षा फरवरी-मार्च में और दूसरी जून-जुलाई में होगी। अगर छात्र दूसरी परीक्षा में भी असफल होता है, तो उसे क्रेडिट योजना के तहत अगले साल फिर मौका दिया जाएगा।

ई-केवाईसी और अपार आईडी जरूरी

नए नियमों के अनुसार अब सभी छात्रों के लिए अपार आईडी और ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा। इसके बिना प्रवेश मान्य नहीं होगा।

मंडल का मानना है कि इन नए नियमों से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और छात्रों की नियमित उपस्थिति व शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार होगा।

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