korba: ​आपकी रगों में बहता लहू बन सकता है किसी की ज़िंदगी की ‘आखिरी उम्मीद’: शिवाय हॉस्पिटल की अनूठी अपील, 14 जून को महादान

​कोरबा। “तीमारदार की सूजी हुई आंखें, अस्पताल के गलियारे में ज़िंदगी और मौत के बीच झूलता एक मासूम, और डॉक्टर की वह एक आवाज़ ‘कहीं से भी सिर्फ एक यूनिट खून का इंतजाम कर दीजिए, मरीज की सांसें रुक रही हैं।’ ऐसे वक्त में किसी अजनबी का दिया हुआ खून सिर्फ लाल लिक्विड नहीं, बल्कि उस तड़पते परिवार के लिए साक्षात भगवान का वरदान बन जाता है।”

​इसी मानवीय संवेदना और सामाजिक जिम्मेदारी को समझते हुए, राष्ट्रीय रक्तदाता दिवस के पावन अवसर पर शिवाय हॉस्पिटल (ट्रांसपोर्ट नगर, कोरबा) एक महा-अभियान की शुरुआत करने जा रहा है। आगामी 14 जून को अस्पताल परिसर में एक विशाल मेगा ब्लड डोनेशन कैंप का आयोजन किया गया है। अस्पताल प्रबंधन ने कोरबा के हर उस नागरिक से, जिसके दिल में इंसानियत धड़कती है, इस कैंप में पहुंचकर ‘जीवन का उपहार’ (Gift of Life) देने की एक बेहद भावुक अपील की है।

 

​शनिवार को सुबह 10 से रात 8 बजे तक खुला रहेगा ‘ज़िंदगी का काउंट’

​अक्सर लोग समय की कमी का बहाना बनाते हैं, लेकिन किसी की जिंदगी बचाने के रास्ते में वक्त रोड़ा न बने, इसलिए शिवाय हॉस्पिटल ने इस शिविर का समय बेहद सुविधाजनक रखा है। 14 जून (शनिवार) को सुबह 10:00 बजे से लेकर रात 8:00 बजे तक कोई भी सजग नागरिक अस्पताल पहुंचकर रक्तदान कर सकता है।

​कैंप का एकमात्र उद्देश्य जिला अस्पताल और आस-पास के क्षेत्रों में रक्त की कमी से होने वाली असमय मौतों को रोकना और समाज में इस महादान के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करना है।

​’रक्तदान’ सिर्फ दान नहीं, खुद के शरीर के लिए भी है ‘अमृत’

​शिवाय हॉस्पिटल के चिकित्सकों और प्रबंधन का कहना है कि जब हम किसी को रक्त देते हैं, तो हम सिर्फ सामने वाले की जान नहीं बचा रहे होते, बल्कि अपने खुद के शरीर को एक नया जीवन दे रहे होते हैं।
​हार्ट रहता है दुरुस्त: नियमित रक्तदान करने से शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रहती है, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा बेहद कम हो जाता है।

​नई ऊर्जा का होता है संचार

खून देने के बाद शरीर में तेजी से नई और स्वस्थ रक्त कोशिकाओं (New Blood Cells) का निर्माण होता है, जो शरीर को ज्यादा ऊर्जावान बनाती हैं।

 

​बढ़ती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

ब्लड डोनेशन से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।

​युवाओं और सामाजिक संगठनों से उम्मीद है कि वे किसी के जीवन का सहार बने ।​शिवाय हॉस्पिटल ने कोरबा के ऊर्जावान युवाओं, सामाजिक संस्थाओं, कदम से कदम मिलाकर चलने वाले स्वयंसेवकों और आम नागरिकों का आह्वान करते हुए कहा है कि आपका सिर्फ 15 मिनट का समय और एक यूनिट रक्त, किसी मां की गोद सूनी होने से बचा सकता है, किसी सुहागन का सिंदूर उजड़ने से रोक सकता है। आइए, अपनी सुख-सुविधाओं से थोड़ा ऊपर उठकर इस जनहित और पुनीत अभियान का हिस्सा बनें।

याद रखें, नोट कर लें और पहुंचें

​महा-आयोजन: मेगा ब्लड डोनेशन कैंप (राष्ट्रीय रक्तदाता दिवस)

​तारीख और दिन: 14 जून, शनिवार

​समय: सुबह 10:00 बजे से रात 8:00 बजे तक (पूरा दिन)

​स्थान: शिवाय हॉस्पिटल, नया बस स्टैंड के पास, ट्रांसपोर्ट नगर, कोरबा (छ.ग.)

​मदद/जानकारी के लिए फोन घुमाएं: 9458999333, 9458999444

 

​”याद रखिए… जो काम दुनिया की कोई दौलत या महंगी से महंगी दवा नहीं कर सकती, वह आपके भीतर बह रही इंसानियत की चंद बूंदें कर सकती हैं। आइए, 14 जून को शिवाय हॉस्पिटल चलें और किसी की डूबती सांसों की पतवार बनें।”

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