कोरबा में बाल विवाह रोकने हेतु ‘सतर्कता दिवस’ का आयोजन, कड़े नियमों का ऐलान

कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिला प्रशासन ने अक्षय तृतीया जैसे वैवाहिक मुहूर्तों से पहले बाल विवाह की रोकथाम और सामाजिक जागरूकता के लिए रविवार को “सतर्कता दिवस” का आयोजन किया। इस पहल में बाल अधिकारों के लिए समर्पित संस्था ‘होलिस्टिक एक्शन रिसर्च एंड डेवलपमेंट’ (हार्ड) और ‘जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन’ ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह रोकने के लिए न केवल परिजनों को, बल्कि विवाह संपन्न कराने वाले सेवा प्रदाताओं को भी कानून के प्रति सचेत करना है। कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया गया कि यदि किसी विवाह में दूल्हा या दुल्हन नाबालिग पाए जाते हैं, तो विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी, हलवाई और टेंट संचालकों के विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सहयोगी संस्थाओं के साथ जिला प्रशासन की मुहिम

कोरबा जिला मुख्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में 250 से अधिक संगठनों के नेटवर्क ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। ‘हार्ड’ संस्था के सदस्यों ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निगरानी समितियों को सक्रिय करने पर जोर दिया। जिला प्रशासन का मानना है कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज की इस कुरीति को जड़ से खत्म किया जा सकता है। इसी कड़ी में जिले में ‘पर्यावरण सेवा सप्ताह’ का भी आगाज किया गया है, जो सामाजिक सुधार के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का संदेश देगा।

शादी में सेवा देने वालों पर भी होगी जेल और जुर्माना

बाल विवाह रोकने के लिए बनाए गए कड़े नियमों के तहत अब केवल माता-पिता ही जिम्मेदार नहीं होंगे। प्रशासन ने सेवा प्रदाताओं के लिए चेतावनी जारी की है:

  • पंडित और मौलवी: विवाह कराने से पहले आयु प्रमाण पत्र की जांच अनिवार्य होगी।

  • हलवाई और कैटरर्स: नाबालिग की शादी में भोजन पकाने पर सजा का प्रावधान।

  • प्रिंटिंग प्रेस: शादी कार्ड छापने से पहले जन्म प्रमाण पत्र देखना जरूरी।

  • टेंट और बैंड वाले: अवैध विवाह में शामिल होने पर सामान की जब्ती और लाइसेंस निरस्त हो सकता है।

जागरूकता के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश

‘सतर्कता दिवस’ के साथ ही जिले में पर्यावरण सेवा सप्ताह की शुरुआत की गई है। इसके माध्यम से नागरिकों को जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्लास्टिक मुक्त कोरबा बनाने का संकल्प दिलाया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि स्वस्थ समाज के लिए सुरक्षित बचपन और स्वच्छ पर्यावरण दोनों का होना अनिवार्य है।

कैसे करें शिकायत?

यदि किसी नागरिक को जिले में कहीं भी बाल विवाह होने की सूचना मिलती है, तो वे तत्काल संपर्क कर सकते हैं:

  1. चाइल्डलाइन नंबर: 1098

  2. पुलिस कंट्रोल रूम: 100/112

  3. संबंधित क्षेत्र के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या पंचायत सचिव।

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