CG NEWS : प्रशासन में हड़कंप’ SDM के फर्जी साइन से जारी हुआ बोर खनन परमिशन, मामला दर्ज

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक में प्रशासनिक शुचिता को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ बोर खनन की अनुमति के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार कर एसडीएम के जाली हस्ताक्षर और कार्यालयीन सील का दुरुपयोग किया गया। यह मामला तब उजागर हुआ जब खुद एसडीएम के सामने उनके ही फर्जी हस्ताक्षर वाला पत्र पहुंचा, जिसे देखकर प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है और अज्ञात जालसाजों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

असली जैसा दिखने वाला फर्जी लेटर

जालसाजों ने इस धोखाधड़ी को इतनी सफाई से अंजाम दिया था कि पहली नजर में दस्तावेज बिल्कुल असली प्रतीत हो रहा था। इस जाली पत्र में न केवल गुंडरदेही एसडीएम के फर्जी हस्ताक्षर थे, बल्कि शासकीय कार्यालय की नकली सील और फर्जी आवक-जावक क्रमांक भी अंकित किया गया था। इस फर्जी दस्तावेज का मुख्य उद्देश्य अवैध रूप से बोर खनन की अनुमति प्राप्त करना था।

प्रशासनिक महकमे में हड़कंप

जब यह मामला एसडीएम के संज्ञान में आया, तो वे भी दंग रह गए। उनके नाम और पद का इस्तेमाल कर इस तरह की धोखाधड़ी जिला प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करती है। अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह हो सकता है जो भोले-भाले ग्रामीणों को गुमराह कर पैसे ऐंठने या नियम विरुद्ध काम कराने के लिए ऐसे हथकंडे अपनाता है।

पुलिस कार्रवाई और जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

  • पत्र में इस्तेमाल किए गए आवक-जावक नंबर का रिकॉर्ड से मिलान।

  • फर्जी सील बनाने वाले संदिग्ध केंद्रों की पहचान।

  • उस व्यक्ति की तलाश जिसने इस पत्र को पहली बार पेश किया या उपयोग किया।

  • बोर खनन माफियाओं की संलिप्तता की जांच।

जालसाजी रोकने की चुनौती

बालोद जिले में फर्जी दस्तावेज के जरिए सरकारी काम कराने की कोशिशों ने विभाग को सतर्क कर दिया है। अब सरकारी फाइलों और पत्राचार की क्रॉस-वेरिफिकेशन प्रक्रिया को और सख्त बनाने पर विचार किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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