CM Vishnu Deo Sai : छत्तीसगढ़ का ‘ग्रीन’ संकल्प , कैबिनेट ने रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए अनुदान दरों को दी मंजूरी
- बड़ा स्कोर: सोलर हाईमास्ट संयंत्रों के लिए ₹1,50,000 का राज्य अनुदान फिक्स।
- बॉयो गैस बूस्टर: घरेलू बॉयो गैस प्लांट पर प्रति संयंत्र ₹9,000 की सब्सिडी मंजूर।
- फ्यूचर ड्राफ्ट: वर्ष 2026-27 के लिए भी अनुदान की दरों का रोडमैप तैयार।
CM Vishnu Deo Sai , रायपुर — मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कप्तानी में हुई कैबिनेट बैठक ने आज प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र का नक्शा बदल दिया। सरकार ने अपारंपरिक ऊर्जा यानी ‘ग्रीन एनर्जी’ के मैदान पर आक्रामक बैटिंग करते हुए सब्सिडी का भारी-भरकम बजट रिलीज किया है। इस फैसले का सीधा असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की लाइटिंग और घरेलू ईंधन की कीमतों पर पड़ेगा। कैबिनेट ने क्रेडा (CREDA) के जरिए सोलर और बॉयो गैस प्रोजेक्ट्स को टॉप गियर में डाल दिया है।
एनर्जी स्कोरकार्ड: किसे क्या मिला?
बैठक में सोलर हाईमास्ट और बॉयो गैस संयंत्रों के लिए अनुदान की नई दरें तय की गई हैं। सरकार ने साफ कर दिया है कि रिन्यूएबल एनर्जी की पिच पर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
- सोलर हाईमास्ट: 2024-25 और 2025-26 के लिए ₹1.50 लाख का सीधा अनुदान।
- लॉन्ग टर्म प्लान: 2026-27 से निविदा दर का 30% या ₹1.50 लाख (जो भी कम हो) मिलेगा।
- बॉयो गैस (2 से 6 घन मीटर): प्रति संयंत्र ₹9,000 की सहायता राशि।
- यूनिवर्सल अनुदान: 2026-27 में सभी क्षमता के बॉयो गैस प्लांट पर फ्लैट ₹9,000 की सब्सिडी।
“हमने सौर ऊर्जा और बॉयो गैस को आम जनता के लिए सुलभ बनाने का लक्ष्य रखा है। यह अनुदान दरें ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेंगी।” — मुख्यमंत्री सचिवालय, छत्तीसगढ़















