Chhattisgarh High Court Roster : 8 अप्रैल से बदल जाएगी कोर्ट की ‘पिच’, सीजे रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र अग्रवाल संभालेंगे पहली डिवीजन बेंच

Chhattisgarh High Court Roster

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  • बड़ा बदलाव: 8 अप्रैल से छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में नया रोस्टर लागू होगा, जिससे सुनवाई की पूरी ‘पिच’ बदल जाएगी।
  • कैप्टन का रोल: चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा जनहित याचिकाओं (PIL) और हेबियस कॉर्पस जैसे बड़े मामलों की सीधी कमान संभालेंगे।
  • डिवीजन बेंच-2: जस्टिस संजय के अग्रवाल की बेंच सिविल और टैक्स से जुड़े 2022 तक के पुराने मामलों का निपटारा करेगी।

Chhattisgarh High Court Roster , बिलासपुर — छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने 8 अप्रैल से अपनी न्याय प्रक्रिया में एक बड़ा ‘टैक्टिकल बदलाव’ किया है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने नया रोस्टर जारी कर कोर्ट की कार्यप्रणाली को नई धार दी है। इस बदलाव के तहत अहम संवैधानिक और जनहित से जुड़े मुद्दों को अब सीधे चीफ जस्टिस की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच सुनेगी। इस कदम का मकसद पेंडिंग मामलों की ‘स्ट्राइक रेट’ बढ़ाना और गंभीर याचिकाओं को त्वरित गति से निपटाना है।

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मैदान पर नई टीमें: डिवीजन बेंच का पूरा शेड्यूल

नए रोस्टर के मुताबिक, जजों की बेंच के बीच कार्यविभाजन को बहुत बारीकी से सेट किया गया है ताकि कोर्ट का ‘आउटपुट’ बढ़ सके।

  • पहली डिवीजन बेंच (DB-1): चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की जोड़ी मैदान में होगी। यह बेंच जनहित याचिकाएं (PIL), हेबियस कॉर्पस, 2020 तक की क्रिमिनल अपील और धारा 482 के मामलों पर ‘अटैक’ करेगी।
  • दूसरी डिवीजन बेंच (DB-2): जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत सभी सिविल मामले, कंपनी अपील, टैक्स और अल्ट्रा वायरस मामलों की सुनवाई करेंगे। इसमें 2022 तक के मामलों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • स्पेशल केस: क्रिमिनल अवमानना और धारा 419, 378 के तहत आवेदनों की सुनवाई भी पहली बेंच के जिममे होगी।

यह फेरबदल कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय है। जानकारों का मानना है कि चीफ जस्टिस का खुद जनहित याचिकाओं के मोर्चे पर आना शासन और प्रशासन की जवाबदेही को और मजबूत करेगा।

“8 अप्रैल से लागू होने वाला नया रोस्टर अदालती कामकाज में पारदर्शिता और तेजी लाएगा। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की बेंच द्वारा अहम याचिकाओं की सुनवाई से न्याय की गति में सुधार होगा।”
— हाई कोर्ट बार प्रतिनिधि, बिलासपुर

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