“ननिहाल आए बागेश्वर सरकार” उरगा-छुरी में ऐतिहासिक स्वागत, ढपढप में उमड़ा आस्था का महासैलाब
कोरबा: छत्तीसगढ़ की पावन धरा और भगवान राम के ननिहाल में बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के आगमन ने पूरे कोरबा अंचल को भक्तिमय कर दिया है। रायगढ़ के रास्ते सड़क मार्ग से कोरबा पहुंचे महाराज का उरगा और छुरी में जो भव्य स्वागत हुआ, उसने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। भक्तों ने उन्हें ‘छत्तीसगढ़ के भांजे’ के रूप में पलक-पावड़े बिछाकर स्वीकार किया।
बांकीमोंगरा क्षेत्र के ग्राम ढपढप में पांच दिवसीय श्री हनुमंत कथा के पहले ही दिन श्रद्धा और विश्वास का ऐसा सैलाब उमड़ा कि आयोजन स्थल छोटा पड़ गया।
मुख्य आकर्षण :
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भव्य अगवानी: उरगा और छुरी में हजारों की संख्या में खड़े श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और जयकारों के साथ महाराज का स्वागत किया।
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ढपढप में कथा का आगाज: श्री हनुमंत कथा के पहले दिन पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमान जी की महिमा का गुणगान किया।
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दिव्य दरबार: कथा के साथ-साथ आगामी दिनों में ‘दिव्य दरबार’ का भी आयोजन होगा, जिसे लेकर लोगों में भारी उत्सुकता है।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम: लाखों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस बल ने चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी है।
छत्तीसगढ़ के प्रति छलका प्रेम
मंच पर पहुंचते ही पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने छत्तीसगढ़ महतारी का जयकारा लगाया और कोरबा की ऊर्जा को नमन किया। उन्होंने कहा:
“छत्तीसगढ़ मेरी आत्मा है, यह प्रभु राम का ननिहाल है और यहाँ आकर मुझे जो अपनत्व मिलता है, वह कहीं और नहीं। कोरबा का कोयला पूरे देश को रोशन करता है, और यहाँ की भक्ति पूरे विश्व को राह दिखाएगी।”















