CG Railway Station : छत्तीसगढ़ के रेलवे स्टेशनों पर डिजिटल क्रांति’ अब ऐप से बुक होगा ‘कुली’, यात्रियों को मिलेगी बिना इंतजार की सुविधा

रायपुर/बिलासपुर: ट्रेन के सफर में भारी-भरकम सामान के साथ स्टेशन पर उतरने के बाद कुली ढूंढना अब बीते दिनों की बात होने जा रही है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए रेलवे एक नया डिजिटल सिस्टम लागू करने जा रहा है। इसके तहत अब यात्री स्टेशन पहुंचने से पहले ही मोबाइल ऐप के जरिए ‘कुली (सहायक)’ की बुकिंग कर सकेंगे।

कैसे काम करेगी यह सुविधा?

रेलवे की इस नई योजना के तहत यात्रियों को एक विशेष मोबाइल ऐप (जैसे ‘कुलीवाला’ या ‘पोर्टर बडी’ के पायलट प्रोजेक्ट्स) का उपयोग करना होगा।

  • एडवांस बुकिंग: यात्री अपनी ट्रेन के आगमन या प्रस्थान के समय के अनुसार पहले से ही कुली बुक कर सकेंगे।

  • समय पर सेवा: ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर पहुंचते ही बुक किया गया कुली कोच के पास मौजूद रहेगा। इसी तरह स्टेशन के बाहर से ट्रेन तक जाने के लिए भी बुकिंग गेट पर उपलब्ध होगी।

  • तय दरें: ऐप के माध्यम से बुकिंग होने के कारण यात्रियों को किराए के लिए मोलभाव (Bargaining) नहीं करना पड़ेगा। रेलवे द्वारा निर्धारित आधिकारिक दरें ही ऐप पर दिखाई देंगी।

ओवरचार्जिंग और परेशानी से मिलेगी मुक्ति

अक्सर यात्रियों की शिकायत रहती है कि कुली उपलब्ध नहीं होते या मनमाना किराया मांगते हैं। इस नई व्यवस्था से:

  1. पारदर्शिता आएगी: पेमेंट ऑनलाइन या तय नकद दर पर होगा, जिससे विवाद की संभावना खत्म होगी।

  2. सुरक्षा और भरोसा: ऐप पर कुली का नाम, बैज नंबर और मोबाइल नंबर उपलब्ध होगा, जिससे यात्री अधिक सुरक्षित महसूस करेंगे।

  3. वरिष्ठ नागरिकों को राहत: बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए यह सेवा वरदान साबित होगी, क्योंकि उन्हें सामान के साथ प्लेटफॉर्म पर परेशान नहीं होना पड़ेगा।

रायपुर और बिलासपुर डिवीजन में ट्रायल की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, रायपुर और बिलासपुर जैसे बड़े स्टेशनों पर इस सेवा को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जा रहा है। स्टेशन परिसर में फ्री वाई-फाई और डिजिटल चार्ट के साथ इस ऐप के क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे ताकि यात्री तुरंत भी सेवा का लाभ उठा सकें।

अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलेंगी

ऐप के माध्यम से केवल कुली ही नहीं, बल्कि व्हीलचेयर और भारी सामान के लिए ट्रॉली की बुकिंग की सुविधा भी जोड़ने पर विचार किया जा रहा है। इससे यात्रियों को स्टेशन के मुख्य द्वार से लेकर सीट तक पहुंचने में किसी भी बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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