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SECL कुसमुंडा में 2100 करोड़ का ‘कोयला खेल’ छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने राष्ट्रपति से की CBI जांच की मांग

कोरबा/रायपुर, 13 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ के ऊर्जा और खनिज बेल्ट में एक बड़े भ्रष्टाचार का मामला गरमाता जा रहा है। गैर-राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ने एसईसीएल (SECL) की कुसमुंडा परियोजना में 70 लाख टन कोयले की कथित हेराफेरी का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने इसे 2100 करोड़ रुपये का महा-घोटाला करार दिया है और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल CBI जांच की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का आरोप है कि कुसमुंडा कोयला खदान के स्टॉक रिकॉर्ड में भारी अनियमितता की गई है। दस्तावेजों और जमीनी तथ्यों का विश्लेषण करने के बाद संगठन ने दावा किया है कि लगभग 70 लाख टन कोयले को रिकॉर्ड से बाहर कर बेच दिया गया या कागजों में हेराफेरी की गई। इसकी बाजार कीमत लगभग 2100 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

संगठन के जिला संयोजक अतुल महंत ने ज्ञापन सौंपते हुए कहा:

“छत्तीसगढ़ की माटी और संसाधनों की खुलेआम लूट हो रही है। एसईसीएल की कुसमुंडा परियोजना में सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग और आपराधिक साजिश रची गई है। हम चुप नहीं बैठेंगे, इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी ही चाहिए।”

बलरामपुर अफीम कांड पर भी सख्त तेवर

कोयला घोटाले के अलावा, संगठन ने बलरामपुर जिले में हाल ही में उजागर हुई अफीम की अवैध खेती का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों में दुर्ग के बाद बलरामपुर के कुसमी क्षेत्र (त्रिपुरी गांव) में 2-3 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती पकड़ी गई है। क्रान्ति सेना ने मांग की है कि इसके पीछे के मास्टरमाइंड और उन्हें संरक्षण देने वाले रसूखदारों को बेनकाब किया जाए।

ज्ञापन में मुख्य मांगें:

  1. SECL कुसमुंडा घोटाले की निष्पक्ष जांच के लिए तत्काल CBI को केस सौंपा जाए।

  2. कोयला स्टॉक का थर्ड पार्टी ऑडिट और सैटेलाइट सर्वे कराया जाए।

  3. अफीम की खेती में संलिप्त सफेदपोश अपराधियों पर NDPS एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई हो।

  4. छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए विशेष निगरानी दल का गठन हो।

प्रशासन का रुख

कोरबा जिला प्रशासन ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए इसे राष्ट्रपति भवन भेजने की पुष्टि की है। डिप्टी कलेक्टर टीआर भारद्वाज ने बताया कि शिकायत के बिंदुओं को संबंधित विभागों को प्रेषित किया जा रहा है।

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