पहली बार वीआईपी रोड और बुधवारी बाजार अतिक्रमण मुक्त, खुद सड़क पर उतरे निगम आयुक्त, हटाई गईं दर्जनों गुमटियां
कोरबा: ‘न्यायधानी’ की तर्ज पर अब ऊर्जाधानी कोरबा में भी अतिक्रमण के खिलाफ ‘बुलडोजर’ और प्रशासनिक सख्ती देखने को मिल रही है। नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में गुरुवार को शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों—बुधवारी बाजार, घंटाघर और वीआईपी रोड पर व्यापक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई से शहर की मुख्य सड़कें अब पहले से कहीं अधिक चौड़ी और साफ नजर आ रही हैं।
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत बड़ी स्ट्राइक
नगर निगम आयुक्त आशुतोष पांडेय सुबह से ही निगम की टीम और अमले के साथ सड़क पर उतर आए। उन्होंने स्वयं खड़े होकर उन अवैध कब्जों को हटवाया जो सालों से यातायात में बाधा बने हुए थे। यह कार्रवाई मुख्य रूप से स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 और शहर के सौंदर्यीकरण कार्य को ध्यान में रखकर की गई है।
कॉलेज और वीआईपी रोड से हटे ठेले-गुमटी
कार्रवाई के दौरान वीआईपी रोड पर स्थित पीजी कॉलेज के आसपास और मुख्य मार्ग पर अवैध रूप से संचालित ठेले और गुमटियों को पूरी तरह हटा दिया गया।
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बुधवारी बाजार: बाजार के मुख्य द्वार और सड़क के दोनों किनारों पर पसरे अतिक्रमण को साफ किया गया।
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घंटाघर रोड: यहाँ ट्रैफिक जाम की समस्या का मुख्य कारण अवैध पार्किंग और अस्थायी दुकानें थीं, जिन्हें निगम ने क्रेन और लेबर की मदद से हटाया।
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चेतावनी: आयुक्त ने दुकानदारों को सख्त हिदायत दी है कि यदि दोबारा सड़क पर कब्जा पाया गया, तो सामान जब्ती के साथ भारी जुर्माना भी वसूला जाएगा।
पहली बार दिखा ऐसा नजारा
स्थानीय निवासियों का कहना है कि बुधवारी और घंटाघर जैसे व्यस्त क्षेत्रों में सड़क के किनारे का हिस्सा पहली बार इतना खुला और साफ दिख रहा है। निगम आयुक्त की इस सक्रियता से जहाँ आम जनता ने राहत की सांस ली है, वहीं अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
आयुक्त का संदेश:
“शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाना हमारी प्राथमिकता है। सड़कों पर अतिक्रमण के कारण न केवल दुर्घटनाएं होती हैं, बल्कि स्वच्छता रैंकिंग पर भी असर पड़ता है। यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।”








